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23 पंचायतों में महिला स्वास्थ्य सुविधा की सख्त आवश्यकता, गरीब महिलाओं पर पड़ता है अतिरिक्त खर्च

Updated at : 04 Nov 2025 11:37 PM (IST)
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23 पंचायतों में महिला स्वास्थ्य सुविधा की सख्त आवश्यकता, गरीब महिलाओं पर पड़ता है अतिरिक्त खर्च

महिलाओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक के नियुक्ति की उठायी मांग

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मेहरमा प्रखंड के पहाड़खंड गांव स्थित लोहिया भवन में प्रभात खबर की ओर से जेएसएलपीएस की महिलाओं के बीच विशेष महिला संवाद का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पंचायत कोऑर्डिनेटर मुन्नी देवी ने की. कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनीता देवी, नीशा सिन्हा, चंदा देवी, रचना देवी, पुष्पा देवी, खुशबू कुमारी, प्रार्थना कुमारी, रूपा कुमारी और पिंकी देवी उपस्थित थीं. महिलाओं ने संवाद के दौरान ‘महिलाओं के बेहतर स्वास्थ को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की हो व्यवस्था’ विषय पर अपनी बातें रखी. इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की. महिलाओं ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में कुल 23 पंचायत हैं, जहां आबादी करीब डेढ़ लाख है. इनमें लगभग 60 से 70 हजार महिलाएं शामिल हैं. महिला से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें बाहर जाकर निजी डॉक्टर से परामर्श लेना पड़ता है. इससे गरीब महिलाओं पर हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है. महिला चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति करीब तीन वर्ष पहले हुई थी, लेकिन उस डॉक्टर को जिले में स्थानांतरित कर दिया गया. इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुरुष डॉक्टर ही उपलब्ध हैं, जिनके सामने महिलाएं अपनी स्वास्थ्य समस्याएं खुलकर नहीं रख पाती हैं. महिलाओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि मेहरमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति की जाये, ताकि क्षेत्र की महिलाओं को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके. कार्यक्रम का संचालन नवनीत कुमार ने किया.

महिलाओं ने कहा-

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहरमा में महिला डॉक्टर की नियुक्ति आवश्यक है. महिलाएं पुरुषों के सामने अपनी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह नहीं रख पाती हैं. महिला चिकित्सक होने से वे आराम से अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी और बेहतर इलाज प्राप्त कर पाएंगी.

-मुन्नी देवी, पंचायत कोऑर्डिनेटर, जेएसएलपीएस

महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए कई बार आवेदन दिये गये, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. महिलाओं को अपनी बीमारी बताने में झिझक होती है, जिससे उनका इलाज सही तरीके से नहीं हो पाता. महिला डॉक्टर होने से समस्या का समाधान संभव होगा.

-अनीता देवी, जेएसएलपीएस

महिला चिकित्सक की नियुक्ति से मेहरमा क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं लाभान्वित होंगी. बाहर जाकर इलाज कराने में जो खर्च होता है, वह बचेगा और प्रखंड में ही बेहतर इलाज संभव होगा. यह गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है.

-निशा सिन्हा, जेएसएलपीएस

महिला डॉक्टर की नियुक्ति होने से महिलाओं में बाहर जाकर इलाज कराने का भय समाप्त होगा. मेहरमा जैसे ग्रामीण क्षेत्र में महिला चिकित्सक का होना अत्यंत आवश्यक है. इससे महिलाएं अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को खुलकर साझा कर सकेंगी.

-चंदा देवी, जेएसएलपीएस

कई बार महिलाओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर की मांग रखी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने ध्यान नहीं दिया. यहां कम से कम एक महिला चिकित्सक का होना नितांत आवश्यक है, ताकि महिलाएं अपनी समस्याओं का समाधान केंद्र में ही पा सकें.

-रचना देवी, जेएसएलपीएस

गरीब परिवार की महिलाएं किसी अन्य शहर या बड़े अस्पताल में इलाज के लिए भारी खर्च करती हैं. महिला डॉक्टर की नियुक्ति से यह खर्च कम होगा. महिलाओं को आसानी से स्वास्थ्य सेवा मिलेगी और परिवारों की आर्थिक परेशानियां भी घटेंगी, इलाज सुलभ होगा.

-पुष्पा देवी, जेएसएलपीएस

मेहरमा जिला मुख्यालय से लगभग 60 किमी दूर है. यदि किसी महिला को रेफर किया जाता है तो समय और परेशानी दोनों बढ़ जाती है. महिला चिकित्सक की नियुक्ति से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही इलाज संभव होगा और महिलाओं की परेशानी दूर होगी.

– खुश्बू कुमारी, जेएसएलपीएस

राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर नियुक्त करने पर विचार करना चाहिए. मेहरमा में महिला चिकित्सक से महिलाएं खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर पाएंगी और इलाज में झिझक का सामना नहीं करना पड़ेगा.

-प्रार्थना कुमारी, जेएसएलपीएस

महिला डॉक्टर की नियुक्ति होने पर महिलाएं आराम से अपनी समस्याएं रख पाएंगी. अधिकतर स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही हो जाएगा. वरीय अधिकारियों को इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करना चाहिए.

-रूपा कुमारी, जेएसएलपीएस

सामान्य प्रसव का समाधान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होता है. ऑपरेशन डिलीवरी की स्थिति में महिलाओं को गोड्डा या अन्य जिले में रेफर किया जाता है. इससे परिवारों पर अतिरिक्त खर्च आता है. महिला डॉक्टर की नियुक्ति से यह समस्या कम होगी.

-पिंकी देवी, जेएसएलपीएसB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJEET KUMAR

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SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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