राजमहल कोल परियोजना कार्यालय के समक्ष ग्रामीणों का धरना, प्रबंधन से वार्ता का आश्वासन

नीमाकला पंचायत के ग्रामीणों ने प्रदूषण व रोजगार को लेकर जताया विरोध
राजमहल कोल परियोजना के एरिया कार्यालय के मुख्य द्वार के पास नीमाकला गांव के ग्रामीणों ने मुखिया ज्योति मुर्मू के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रबंधन के विरुद्ध विरोध दर्ज कराया. मुखिया ज्योति मुर्मू ने बताया कि नीमाकला पंचायत परियोजना के कोयला क्रशर प्लांट के अत्यधिक निकट स्थित है, जिससे कोयले की धूलकणों के कारण ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि नीमाकला, घाटनीमा एवं सूअरमारी गांव प्रदूषण से सर्वाधिक प्रभावित हैं. इसके कारण ग्रामीण गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. मुखिया ने आरोप लगाया कि गांव के लोगों ने अपनी कीमती जमीन परियोजना स्थापना के लिए दी, बावजूद इसके उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि परियोजना में कार्यरत निजी कंपनियों में बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय भू-धारकों एवं प्रशिक्षित बेरोजगार युवकों की लगातार अनदेखी की जा रही है. उन्होंने बताया कि अपनी मांगों के समर्थन में 8 मई को प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के कारण ग्रामीणों को धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ा. धरना-प्रदर्शन की सूचना पर परियोजना के एपीएम मनोज इमैनुएल टुडू ने ग्रामीणों एवं मुखिया को लिखित आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर 15 मई को एरिया कार्यालय में वार्ता की जाएगी. लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया. इस अवसर पर रवि शंकर महतो, मंसूर अंसारी, श्यामलाल, दीपनारायण सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
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