जलमीनार का पाइप लिक होने से बर्बाद हो रहा पानी

Updated at : 04 Apr 2025 11:35 PM (IST)
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जलमीनार का पाइप लिक होने से बर्बाद हो रहा पानी

चिहारो पहाड़ में लगे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण

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तपती धूप व भीषण गर्मी में एक ओर जहां प्रखंड क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचना शुरू हो गया है. वहीं दूसरी तरफ प्रत्येक दिन पथरगामा डाकघर रोड के साथ साथ गोड्डा पीरपैंती मुख्य स्थित पथरगामा हाट रोड में चिहारो पहाड़ में लगे बड़े जलमीनार का हजारों लीटर पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है. इससे पथरगामा डाकघर रोड व पथरगामा हाट रोड की सड़क बरसाती बन चुकी है. बताते चलें कि विगत डेढ़ वर्ष से चिहारो पहाड़ स्थित 1 लाख 25 हजार लीटर क्षमता वाले जलमीनार का अंडरग्राउंड पाइप पथरगामा डाकघर रोड व पथरगामा हाट रोड में लिंक है. इस वजह से सड़क पर जल-जमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है. बता दें कि प्रतिदिन सुबह के वक्त पानी सप्लाई होने की वजह से सैकड़ों लीटर पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है. प्रत्येक दिन पानी की घोर बर्बादी हो रही है. बताते चलें कि पानी सप्लाई का पाइप लिंक हो जाने की वजह से कनेक्शनधारियों के घरों तक पहुंचने वाले पानी का फोर्स भी काफी कम हो चुका है. इसके साथ ही सड़क पर कीचड़ और जलजमाव होने से सड़क चलने लायक नहीं रह जाता है. जलजमाव की वजह से डाकघर रोड में बसे ग्रामीणों व दुकानदारों के दरवाजे पर पानी के जमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है. लोगों को पांव गंदाकर सड़क से गुजरना पड़ता है. लिकेज की वजह से सड़क की दुर्गति हो चुकी है. सड़क पर पानी के जमाव रहने की वजह से स्कूल जाने वाले छात्र छात्राओं समेत शिक्षकों को पांव गंदे कर शिक्षा के मंदिर जाना पड़ता है. यह भी बता दें कि अभी चैती नवरात्र चल रहा है. श्रद्धालु भक्तजन पूजा पाठ के लिए डाकघर रोड से चलकर चिहारो पहाड़ के चैती दुर्गा मंदिर पहुंचा करते हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं को भी अपने पांव गिला करना पड़ता है.

इस जलमीनार से आठ गांवों के लोगों को मिलता है पेयजल

बताते चलें कि पिछले वर्ष 2023 के मार्च माह में संबंधित विभाग ने लीकेज की समस्या दूर करने के लिए मजदूर को सड़क पर लगाया भी था. लेकिन दो दिन कार्य होने के बाद कार्य पर विराम लग गया. यह भी बता दें कि इस प्रचंड गर्मी में जब बूंद बूंद पानी के लिए लोग लोग भटकने लगे हैं. ऐसे में हजारों लीटर पानी का सड़कों पर यूं ही बहकर बर्बाद हो जाना विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है. पथरगामा जलमीनार से कुल आठ गांव क्रमशः पथरगामा, तुलसीकिता, केशवटीकर, अमडीहा, सोनारचक, द्वारीचक, कमलडीहा व कोहबारा के लगभग 400 से अधिक कनेक्शनधारियों के घरों तक पानी सप्लाई हुआ करता है.पानी की बर्बादी कहीं से भी उचित नहीं है. पाइप के लीकेज के संबंध में जानकारी ली जाएगी.

– नितेश कुमार गौतम, बीडीओ, पथरगामा.B

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