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आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए मेले का आयोजन, लांगड़े नृत्य की हुई प्रस्तुति

Updated at : 30 Apr 2024 11:34 PM (IST)
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आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए मेले का आयोजन, लांगड़े नृत्य की हुई प्रस्तुति

बाबुपुर गांव के काशी टोला में सरना धर्म युवा क्लब की ओर से हुआ आयोजन

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गोड्डा जिले के बोआरीजोर प्रखंड के बाबुपुर गांव के काशी टोला में सरना धर्म युवा क्लब की ओर से आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए मेले का आयोजन किया गया. मेला को भव्य बनाने के लिए आदिवासी नृत्य के तहत लांगड़े का आयाेजन किया गया. साथ ही संथाली आर्केस्ट्रा का भी आयोजन किया गया. नृत्य प्रतियोगिता में पहाड़पुर, बाबुपुर, हरखा, श्रीपुर, बोआरीजोर गांव की टीम ने भाग लिया. सदस्यों को क्लब की ओर से नकद राशि पुरस्कार स्वरूप देकर सम्मानित किया गया. क्लब के अध्यक्ष सोनाराम मरांडी, लालजी हेंब्रम ने बताया कि प्रत्येक वर्ष रबी फसल की तैयारी के बाद गांव में आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए मेले का आयोजन किया जाता है. मेले में आदिवासी पहनावा एवं रीति-रिवाज के बारे में लोगों के बीच जानकारी दी जाती है. आदिवासी पहनावा में आकर्षक परिधान में रहने वाली महिलाओं को भी पुरस्कृत किया जाता है. कहा कि आदिवासी समुदाय को अपनी सभ्यता एवं संस्कृति नहीं भूलनी चाहिए. आदिवासी की पहचान उनकी संस्कृति से होती है. आदिवासी समुदाय को एकजुट होकर अपनी संस्कृति को बचाने की जरूरत है. मौके पर कोषाध्यक्ष जोतन बास्की, महिन बास्की, विनोद मरांडी आदि उपस्थित थे.

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