पानी टंकी वर्षों से बंद, ग्रामीण झरने का दूषित पानी पीने को मजबूर

मालीगोंडा गांव में पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
बोआरीजोर प्रखंड के मेघी पंचायत के मालीगोंडा गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. ग्राम प्रधान कोरंगा मैसा पहाड़िया ने बताया कि यह एक पहाड़ी गांव है, जिसमें लगभग 500 की आबादी निवास करती है. ग्रामीण पीने के साफ पानी को लेकर लंबे समय से परेशान हैं. वर्षों पहले पेयजल विभाग द्वारा गांव में बोरिंग कर पानी का टंकी लगाया गया था, लेकिन अभी तक ग्रामीणों को टंकी से पानी नहीं मिल रहा है. ग्रामवासियों का कहना है कि टंकी निर्माण में सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हुए हैं. आज भी गांववासी झरने के दूषित पानी पर निर्भर हैं. सड़कों की स्थिति भी खराब है. गांव मुख्य सड़क से जुड़ा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई होती है. बीमार व्यक्ति को खाट पर लादकर सड़क तक ले जाना पड़ता है, ताकि अस्पताल पहुंचाया जा सके. भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव दीनबंधु मंडल गुरुवार को मालीगोंडा पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए. उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है, लेकिन धरातल पर कुछ भी लागू नहीं हुआ है. उन्होंने डीसी और प्रखंड प्रशासन से मांग की कि 15 दिनों के भीतर पानी टंकी चालू की जाये, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिल सके. अन्यथा, ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रखंड कार्यालय का घेराव किया जाएगा. मौके पर देव पहाड़िया, अजीत पहाड़िया, धर्मा पहाड़िया, भैरो मैसा पहाड़िया, बाली पहाड़िया सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
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