ePaper

कुड़मी समुदाय के बच्चों की मातृभाषा कुड़माली दर्ज किये जाने की मांग

Updated at : 01 Jul 2024 11:50 PM (IST)
विज्ञापन
कुड़मी समुदाय के बच्चों की मातृभाषा कुड़माली दर्ज किये जाने की मांग

कुड़मी छात्र संगठन ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

विज्ञापन

कुड़माली भाखि चारि आखाड़ा संगठन की ओर से डीसी को ज्ञापन सौंपा गया. समाहरणालय पहुंचकर संगठन की ओर से डीसी के साथ डीएसइ को दिये गये मांग पत्र में जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की ओर से कराये जा रहे सर्वेक्षण में कुड़मी समुदाय के बच्चों की मातृभाषा कुड़माली दर्ज कराने का अनुरोध किया गया. बताया कि कुड़मी जाति समुदाय के बच्चे गांव के सरकारी विद्यालय में पढते हैं. जन समुदाय की मातृभाषा कुड़माली है. जिस तरह से संथाल की मातृभाषा संथाली, हो जाति की हो, मुंडा की मुंडारी अधिकृत है, मगर कुड़मी जाति समुदाय के लोग जो सरकारी विद्यालयों में पढ़ते हैं, अब तक उनकी मातृभाषा कुड़माली में नहीं बदला गया है. कुड़माली के स्थान पर कुड़मी जाति के लिए अन्य क्षेत्रीय भाषा खोरठा, नागपुरी, बांगला आदि जबरन दर्ज किया जा रहा है. संगठन की ओर से जोर देकर कहा गया कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन का रूख तैयार करेंगे. इस दौरान कुड़माली भाखि चारी आखाड़ा के सदस्य दिनेश कुमार महतो, किशोर कुमार महतो, गौतम कुमार महतो, सोनू कुमार महतो, दशरथ महतो उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola