राजमहल कोल परियोजना के ऊर्जा नगर आवासीय कॉलोनी एनएचएस में रहने वाले परियोजना कर्मी को नियमित रूप से पानी नहीं मिलने से काफी परेशानी हो रही है. कॉलोनी में रहने वाले परियोजना कर्मी शंकर प्रसाद, संगीना देवी, बेटाराम हांसदा, ताला सोरेन, इंदु देवी ने ऊर्जा नगर के टाउनशिप ऑफिस में पहुंचकर आवेदन देकर प्रबंधन के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि 15 से 20 दिन के अंतराल में पानी दिया जाता है. इससे काफी परेशानी होती है. पानी के बिना दिनचर्या का कार्य नहीं हो सकता है. प्रत्येक दिन कार्य के लिए कार्यक्षेत्र समय पर पहुंचना पड़ता है, लेकिन क्वार्टर में पानी नहीं रहने के कारण प्रत्येक दिन पानी के जुगाड़ में समय बिताना पड़ता है. प्रबंधन प्रत्येक वर्ष पानी की समस्या को समाधान के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, जो पैसा कागज में सिमट कर रह जाता है. कहा कि कोयला मजदूर की कठोर मेहनत से प्रबंधन कोयला खनन करता है एवं करोड़ों रुपये मुनाफा अर्जित करता है. लेकिन कर्मचारियों को ही मूलभूत सुविधा से वंचित रखा जाता है, जिससे कार्य करने में मानसिक परेशानी रहती है.
मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं कर्मी
कर्मी ने बताया कि आवासीय कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का काफी अभाव है. कोल इंडिया के नियमानुसार पीने का पानी व स्वास्थ्य सुविधा अवश्य मिलनी चाहिए. लेकिन प्रबंधन दोनों सुविधा देने में नाकाम साबित हुई है. मोबाइल मेडिकल गाड़ी द्वारा 40 गांवों में स्वास्थ्य सुविधा दी जाती थी. लेकिन कई महीनों से स्वास्थ्य सुविधा भी प्रभावित क्षेत्र के रैयत को नहीं मिल रहा है. जबकि इसीएल के अंतर्गत आने वाले सभी खनन क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है.
आवासीय कॉलोनी के क्वार्टर की स्थिति भी जर्जर
आवासीय कॉलोनी के क्वार्टर की स्थिति भी अत्यंत जर्जर है. वर्षा के दिन में आवासीय कॉलोनी में पानी घुस जाता है. इससे परेशानी होती है. कॉलोनी के चारों तरफ गंदगी का अंबार है. आवेदन देकर कर्मी की समस्या के समाधान को लेकर प्रबंधन से गुहार लगाया है. अन्यथा आंदोलन करने की बात कही है. इंजीनियर संजीव कुमार ने बताया कि पानी की सुविधा दूर करने की कोशिश की जा रही है. जल्द समाधान हो जाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

