ईदगाहों व मस्जिदों में उमड़ी भीड़, अमन-चैन और भाईचारे की मांगी गयी दुआ

Published by : SANJEET KUMAR Updated At : 28 May 2026 10:04 PM

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गोड्डा में जिले मनाया गया त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा

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त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को गोड्डा जिले में श्रद्धा और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही जिले के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने सामूहिक रूप से बकरीद की विशेष नमाज अदा की. मुख्य नमाज गोड्डा नगर के फसिया डंगाल ईदगाह, मदीना मस्जिद तथा जामा मस्जिद (न्यू मार्केट) में अदा की गयी, जहां हजारों की संख्या में लोग नये वस्त्र धारण कर और इत्र लगाकर पहुंचे. नमाज के दौरान खुतबा पढ़ा गया तथा इमाम साहब द्वारा देश में अमन, चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी गयी. नमाज समाप्त होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया. पथरगामा, पोड़ैयाहाट, महागामा और मेहरमा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद-उल-अजहा को लेकर व्यापक उत्साह देखा गया. पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल रहा और बच्चों में विशेष उमंग देखने को मिली. त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही. सभी प्रमुख नमाज स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, एसडीपीओ आकाश भारद्वाज, दंडाधिकारी अभय कुमार, बीडीओ दयानंद जायसवाल तथा नगर थाना प्रभारी दिनेश कुमार महली लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का जायजा लेते रहे. नमाज के बाद अकीदतमंदों ने सुन्नत-ए-इब्राहिमी का पालन करते हुए बकरे की कुर्बानी दी. परंपरा के अनुसार, कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा गया-एक हिस्सा गरीबों व जरूरतमंदों के लिए, दूसरा रिश्तेदारों व मित्रों के लिए तथा तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए.

बसंतराय में शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया ईद-उल-अजहा

बसंतराय प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व सादगी, उत्साह और पारंपरिक तरीके से मनाया गया. सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह देखा गया. लोग नये वस्त्र धारण कर तथा इत्र लगाकर ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे. नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी तथा देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी. प्रखंड मुख्यालय स्थित गदाल बाग ईदगाह, बसंतराय में मौलाना मुबारक हुसैन कासमी ने नमाज अदा करायी. नमाज के उपरांत उन्होंने देश में शांति, सौहार्द और भाईचारे के लिए विशेष दुआ करायी. इसके अलावा मेदनीचक, रूपनी, केवां, भट्ठा, धपरा, बंशीपुर और कुम्हाराकोल ईदगाहों सहित कोरियाना एवं फसिया मस्जिद में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की. धार्मिक जानकारों के अनुसार ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और समर्पण का पर्व है. इस्लामी मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को अल्लाह की ओर से अपने पुत्र हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी देने का आदेश मिला था. उन्होंने अल्लाह के आदेश का पालन करने का संकल्प लिया. उनकी सच्ची नीयत और समर्पण को देखकर अल्लाह ने हजरत इस्माईल के स्थान पर एक दुम्बा भेजकर उनकी कुर्बानी स्वीकार की. इसी घटना की स्मृति में बकरीद पर कुर्बानी देने की परंपरा निभायी जाती है. इस अवसर पर प्रमुख अंजर अहमद, जिला परिषद सदस्य मो. एहतेशामुल हक, ईदगाह सचिव मो. शब्बीर अहमद, हाजी जफीर उद्दीन, हाजी मो. इस्लाम, मो. इरफान आलम, मौलवी नजीर उद्दीन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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