सावन से पहले बिहटा के बाबा बिटेश्वरनाथ धाम में तैयारियां तेज, अतिक्रमण पर समिति ने जताई चिंता

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बाबा बिटेश्वरनाथ धाम में तैयारियां तेज

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सावन माह के शुरू होने से पहले बिहटा के ऐतिहासिक बाबा बिटेश्वरनाथ महाधाम में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए जलाभिषेक, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वहीं, मंदिर तक आने वाले मार्गों पर अतिक्रमण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.

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Bateshwar Nath Dham: सावन माह शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं. ऐसे में बिहटा के ऐतिहासिक बाबा बिटेश्वरनाथ महाधाम में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. शुक्रवार को मंदिर परिसर में बाबा बिटेश्वरनाथ महाधाम समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई. बैठक में सुरक्षा, साफ-सफाई, जलाभिषेक, पेयजल और सुगम दर्शन व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई. साथ ही मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण को बड़ी समस्या बताते हुए प्रशासन से समय रहते कार्रवाई की मांग की गई.

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श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सचिव रत्नेश कुमार, उपाध्यक्ष श्वेता विश्वास, गुड्डू कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, नीलू कुमार, सुरेश प्रसाद सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे. बैठक के दौरान समिति सदस्यों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया. सदस्यों ने कहा कि सावन में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी.

अतिक्रमण बना बड़ी चुनौती

समिति के सदस्यों ने बताया कि बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर के नाम लगभग 68 एकड़ भूमि है, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ है. महादेवा रोड और गुलटेरा बाजार की ओर से आने वाले रास्तों पर स्थायी और अस्थायी दुकानों के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं. सामान्य दिनों में भी लोगों को आवागमन में परेशानी होती है, जबकि सावन के दौरान इन्हीं रास्तों से लाखों श्रद्धालु और कांवरिये गुजरते हैं.

महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतार

समिति ने बताया कि इस बार महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था की जाएगी. जलाभिषेक के लिए अतिरिक्त जल की व्यवस्था भी की जाएगी. पिछले वर्ष की तरह श्रद्धालु अर्घ में जल अर्पित कर सुगमता से भगवान शिव का दर्शन कर सकेंगे. भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया है.

गंदगी और जलजमाव की भी समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास कई स्थानों पर गंदगी, कीचड़ और जलजमाव की समस्या बनी हुई है. यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो सावन के दौरान जाम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : सीओ

इस संबंध में अंचलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर या उसके आसपास अतिक्रमण को लेकर अब तक मंदिर प्रबंधन, मंदिर समिति अथवा किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.


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