घटना. सदर अस्पताल में जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात की हुई मौत

Published at :06 Mar 2016 5:29 AM (IST)
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घटना. सदर अस्पताल में जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात की  हुई मौत

रोती रही मां, कर्मी मांगते रहे रुपये सदर अस्पताल में शनिवार को सुरक्षित प्रसव नहीं होने पर नवजात की मौत हो गयी. मौत के बाद संवेदना जताने की बजाय कर्मी रोती-बिलखती मां से पैसे मांगने में लगे रहे. गोड्डा : एक महिला अपने बच्चे को जन्म देती है, इसके साथ ही बच्चे की मौत हो […]

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रोती रही मां, कर्मी मांगते रहे रुपये

सदर अस्पताल में शनिवार को सुरक्षित प्रसव नहीं होने पर नवजात की मौत हो गयी. मौत के बाद संवेदना जताने की बजाय कर्मी रोती-बिलखती मां से पैसे मांगने में लगे रहे.
गोड्डा : एक महिला अपने बच्चे को जन्म देती है, इसके साथ ही बच्चे की मौत हो जाती है. लेकिन उसका ढांढस बांधने के बजाय अस्पताल में तैनात कर्मी उससे प्रसव के एवज में रुपये की मांग करते हैं. दिल को पसीजने वाली इस घटना ने सदर अस्पताल की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
सबसे बड़ी बात यह कि ऐसा मामला करीब आठ घंटे तक अस्पताल में कौंधता रहता है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की बागडोर संभाले सीएस को इसकी जानकारी तक नहीं होती. महिला घंटों अपने बच्चे की मौत की दर्द को छाती से चिपकाये रूंदती रही. लेकिन कोई उसके दर्द को बांटने नहीं आया. उल्टे रुपये मांग कर उसके दर्द को कुरेदने का काम किया गया.
सदर अस्पताल में शुक्रवार को प्रसव के लिए सोनी देवी को भरती कराया गया था. शुक्रवार रात रीता ने एक पुत्र को जन्म दिया. लेकिन प्रसव के साथ ही नवजात की मौत हो गयी. सोनी ने बताया कि प्रसव के बाद ही अस्पताल में तैनात नर्स उससे प्रसव के एवज में राशि मांगने लगी. एक तो बच्चे की मौत का गम ऊपर से राशि का डिमांड ने उसके दर्द को और भी बढ़ा दिया. बता दें कि सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव के बाद महिला को राहत के लिए राशि देने का प्रावधान है.
लेकिन ऐसा नहीं होकर उसे उल्टे आर्थिक बोझ उससे असहनीय हो रहा था. सोनी सदर प्रखंड के लुकलुकी गांव की है. प्रसूता की मां रीता देवी ने बताया कि प्रसव के दस मिनट के अंतराल में ही स्वस्थ शिशु ने दम तोड़ दिया. सोनी का यह पहला प्रसव था. लड़के ने जन्म लिया था. प्रसव कार्य की औपचारिकता पूरी होने के बाद महिला चिकित्सकों द्वारा शल्य प्रसव कराने की बात कही गयी. परिजनों व मां रीता देवी का आरोप है कि प्रसव से पूर्व यदि शल्य प्रसव कराने की बात कही जाती तो प्रसूता का शल्य प्रसव कराया जाता. लेकिन शिशु की मौत के बाद शल्य प्रसव की जानकारी दी गयी.
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