प्रताड़ित करते थे लोग

Updated at :31 Oct 2013 4:02 AM
विज्ञापन
प्रताड़ित करते थे लोग

दलालों के चंगुल से लौटी युवतियों ने सुनायी आपबीती, डीसी ने मांगी जानकारी गोड्डा : संताल परगना में मानव तस्करी बदस्तूर जारी है. खासतौर पर आदिवासी लड़कियों व महिलाओं को बरगला कर काम दिलाने के लालच में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में ले जाया जा रहा है. वहां ले जाकर इन्हें शारीरिक प्रताड़ना […]

विज्ञापन

दलालों के चंगुल से लौटी युवतियों ने सुनायी आपबीती, डीसी ने मांगी जानकारी

गोड्डा : संताल परगना में मानव तस्करी बदस्तूर जारी है. खासतौर पर आदिवासी लड़कियों महिलाओं को बरगला कर काम दिलाने के लालच में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में ले जाया जा रहा है. वहां ले जाकर इन्हें शारीरिक प्रताड़ना तरहतरह से परेशान किया जा रहा है.

घर लौटी सोना सुनीता

सुंदरपहाड़ी प्रखंड तिलवाद पंचायत के जबरो टोला की दो लड़कियों सोना मुनी मरांडी (16), सुनीटा टुडू (15) मीना सोरेन (17) को 12 सितंबर को सुंदरपहाड़ी थाना के बड़ा कालाझोर के रहनेवाले सुनील हांसदा मानवेल हेंब्रम बरगला कर गांव से कालाझोर ले आये. यहां से भागलपुर के रास्ते दिल्ली ले गये थे.

नौकरी दिलाने का झांसा

दोनों को बताया गया कि 10-10 हजार रुपये की नौकरी मिलेगी. इसे लेकर लड़कियां उनके साथ चल पड़ी और दिल्ली में दलालों के चंगुल में फंस गयी.

सुनीता के पिता ने की पहल

सुनीता टुडू के पिता बाबूराम टुडू मीना सोरेन के पिता सोनाराम सोरेन ने बेटियों के लापता होने की सूचना पंचायत के मुखिया सेवेस्टियन हांसदा के साथ मिलकर सुंदरपहाड़ी थाने में मामला दर्ज कराया. इसमें कालाझोर के दोनों युवकों के नामों का उल्लेख किया गया.

इसे लेकर मुखिया ने लोगों के साथ मिलकर उक्त युवकों के घर पहुंच गये और लड़कियों को वापस बुलाने की मांग की. इसके लिए तीन दिनों को उन लोगों को समय दिया गया. इसके बाद जाकर 28 सितंबर को सोनामुनी सुनीता वापस घर लौटी.

बतायी आपबीती

दिल्ली में एक ऑफिस में काम पर लगाया गया और बताया कि दो हजार रुपये महीना दो वक्त का खाना दिया जायेगा. दोनों को रात में अलगअलग कमरे में बंद कर दिया जाता था. इस दौरान उनके साथ मारपीट शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था.

मीना अब भी है फंसी

मीना को मुक्त करा पाने में अभी तक मुखिया पीड़ित परिवार को सफलता हाथ नहीं लगी है. सोनामुनी तथा सुनीता ने बताया कि मीना को काफी प्रताड़ित किया जाता था. उसे काम कराने के साथ शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. मीना रोरो कर अपनी आपबीती बताती थी.

और भी लड़कियां हैं फंसी

पीड़िता सोना मुनी सुनीता ने बताया कि दिल्ली में सुंदरपहाड़ी के कालाझोर, बड़ा कालाझोर, लांगोडीह, अंगवाली तथा झिलवा की करीब एक दर्जन से अधिक पहाड़िया संताल युवतियां बंधक है. उन्होंने बताया कि अलगअलग जगहों पर इन्हें रखा गया है. इन्हें सुबह से शाम तक ऑफिसों में झाड़ुपोछा कराने के साथ शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है.

डीसी ने की पहल

गोड्डा के डीसी के रवि कुमार ने इस मामले में सुंदरपहाड़ी थाना को फोन कर पूरी जानकारी मांगी है. साथ ही गांव से लापता लड़कियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने को कहा है. श्री कुमार ने कहा कि इस मामले में जानकारी मिलते ही पहल की जायेगी. इस तरह की घटना से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola