गोड्डा में महिला उत्पीड़न के मामले गंभीर : महुआ

Published at :20 Aug 2015 7:51 AM (IST)
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गोड्डा में महिला उत्पीड़न के मामले गंभीर : महुआ

गोड्डा : राज्य महिला आयोग ने माना है कि गोड्डा में महिला उत्पीड़न के मामले गंभीर है. आयोग के अध्यक्ष डॉ महुआ माजी ने परिसदन में प्रेस वार्ता में बताया कि गोड्डा में महिला प्रताड़ना एवं उससे जुड़े कुल 35 मामले आयोग के संज्ञान में आये हैं. 19 मामलों में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई […]

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गोड्डा : राज्य महिला आयोग ने माना है कि गोड्डा में महिला उत्पीड़न के मामले गंभीर है. आयोग के अध्यक्ष डॉ महुआ माजी ने परिसदन में प्रेस वार्ता में बताया कि गोड्डा में महिला प्रताड़ना एवं उससे जुड़े कुल 35 मामले आयोग के संज्ञान में आये हैं.
19 मामलों में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है. सुंदरपहाड़ी व बोआरीजोर से आदिवासी युवतियों के ट्रैफिकिंग मामला लगातार सामने आ रहा है. देवदांड़ थाना के चोरबाद में गत वर्ष जमीन विवाद में महिला को निर्वस्त्र कर कुचल कर हत्या कर दी गयी थी. ये सभी ऐसे मामले है, जिस पर महिला आयोग गंभीर है. यहां की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार से मिलकर पहल करूंगी.
तीन महिला आइटीआइ बनकर तैयार है, मगर चालू नहीं
माजी ने कहा कि गोड्डा में तीन महिला आइटीआइ बनकर तैयार है, मगर अब तक चालू नहीं हो सका है. सुंदरपहाड़ी के कर्माटांड में बनाये 300 सौ बेड के मातृ शिशु अस्पताल भी बेकार पड़ा हुआ है. गोड्डा महिला काॅलेज केे महिला आदिवासी गर्ल्स हाॅस्टल पर कल्याण विभाग की नजरअंदाजी से से छात्राओं को भारी परेशानी हो रही है.
नाबालिग लडकी के अपहरण का मामला एसपी के संज्ञान में
डा माजी ने बताया कि गोड्डा में मुख्य मामला नबालिग के अपहरण का था, जिसे एसपी को सौंपा गया है. मामले में पीड़ित परिवार की ओर से बताया गया कि बिहार से कुछ दबंग लोग आकर लड़की को अपहरण कर ले गये. स्थानीय थाना द्वारा कांड दर्ज नहीं किया गया. लड़की बांका जिले की रहनेवाली है, मगर गोड्डा में रह रही थी. एसपी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए कांड दर्ज करने का निर्देश थाना को दिया.
तारा शाहदेव का मामले में सीबीआइ पर भरोसा
डा. माजी ने कहा कि तारा शाहदेव प्रकरण उनके द्वारा संज्ञान में लिये जाने के बाद अन्य के नजर में गयी. सीबीआई जांच कर रही है. कई रसूखदार व बड़े लोगों के मामले में फंसे होने के बावजूद सीबीआई पर भरोसा है.
कहा कि आयोग में आने के साथ ही वूमैन पॉलिसी बनाकर महिला स्वास्थ्य, महिला कल्याण, महिला शिक्षा, खेल , नाैकरियों में अलग से 5-10 प्रतिशत आरक्षण को कैबिनेट में स्वीकृत कराने का काम किया. मगर चुनाव अधिसूचना के कारण लागू नहीं हो पाया है, जिसे कराने का प्रयास कर रही हूं. कहा कि जब तक सुदूर गांवों से सड़क व काॅम्यूनिकेशन का जुडाव नहीं होगा तब तक घटनाओं में कमी नहीं आयेगी. रोजगार का सृजन संभव नहीं है. इसदौरान सदस्य शबनम परवीन व किरण कुमारी भी मौजूद थीं.
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