गोड्डा : मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद और आसपास के इलाके से छापेमारी करके संताल परगना की दो और लड़कियों को मुक्त कराया है यह दोनों लड़कियां आदिवासी हैं. आज जो दो लड़कियों को बरामद किया गया है. उन दोनों की उम्र भी लगभग 14 वर्ष है . इन दोनों को भी सुरेंद्र मालतो ही दिल्ली लेकर गया था. हरियाणा पुलिस ने इन दोनों का मेडिकल जांच करवायी है. जांच में पता चला है कि दोनों के शरीर पर जख्म के निशान हैं. इन लोगों ने बताया भी है कि जब भी घर जाने के लिए कहते थे तब इन लोगों की पिटाई होती थी और पिटाई भी बेरहमी से होती थी. कभी घरवालों से बात नहीं कराया जाता था और ना ही एक भी पैसा दिया गया.
झारखंड की टीम लगातार कर रही है कैंप : हरियाणा बाल संरक्षण आयोग झारखंड की लड़कियों की खरीद-फरोख्त और इस ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में गंभीर है. हरियाणा पुलिस को पूरा सहयोग कर रही है. इसी का नतीजा है कि अब तक झारखंड की सात आदिवासी लड़कियां जो संताल परगना से ताल्लुक रखती है मुक्त करायी गयी है.
वहीं ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में गिरफ्तार सुरेंद्र मालतो और अरुण ने हरियाणा पुलिस को कई सुराग दिये हैं, जिससे झारखंड की लड़कियों की ट्रैफिकिंग मामले में आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है. फिलहाल हरियाणा पुलिस की टीम सुरेंद्र की निशानदेही पर कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
हरियाणा में दो और…
और इन लोगों के द्वारा बेची गई लड़कियों को मुक्त करा रही है. दूसरी ओर बाल संरक्षण आयोग हरियाणा ने डीजीपी पर दबाव बनाया है कि इस ट्रैफिकिंग के खुलासे के लिए बड़ा अभियान चले ताकि झारखंड की मासूम लड़कियों को मुक्त कराकर उनके घर वापस भेजा जा सके. ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में प्लेसमेंट एजेंसी के मनी मिश्रा और उसकी पत्नी के अलावा अनिल किस्कू जो दलाल है. उन लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
झारखंड की टीम कर रही है मॉनिटरिंग
इधर ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में मुक्त कराई गई लड़कियों को झारखंड संथाल परगना वापस लाने के लिए गयी टीम हरियाणा में ही कैंप कर रही है और हरियाणा पुलिस को डिटेक्ट करने में पूरा सहयोग कर रही है.
बाल संरक्षण आयोग हरियाणा के चेयरमैन बालकृष्ण गोयल ने कहा कि हरियाणा पुलिस और बाल संरक्षण आयोग के अलावा शक्ति वाहिनी संस्था लगातार प्रयास कर रही है कि जितने भी संताल परगना की आदिवासी लड़कियां दिल्ली में बेची गई हैं उन सबको मुक्त कराएं और वापस उनके परिजनों के पास पहुंचाएं.
इस संबंध में शक्ति वाहिनी के प्रवक्ता ऋषि कांत ने कहा कि झारखंड की टीम और वहां की सरकार लगातार हरियाणा पुलिस के वरीय अधिकारियों के टच में है और जितनी भी लड़कियां हिम्मत ट्रैफिकिंग की शिकार हुई हैं, सबको डिटेक्ट करके वापस लाने की मुहिम में जुटी है.
दिल्ली, हरियाणा व झारखंड की पुलिस ने संयुक्त रूप से की छापेमारी
शक्ति वाहनी सामाजिक संस्था की पील पर दो दिनों में दो लडकी बरामद
दिल्ली, हरियाणा एवं पंजाब में निशानदेही पर सैकड़ों घरों में हो रही छापेमारी
दो साल पहले दोनों पहाड़िया लड़की आठ साल की उम्र में दिल्ली में बेची गयी थी
काम के दौरान घर की मालकिन लड़कियों के साथ करती थी अमानवीय व्यवहार