Giridih News :यज्ञ से संस्कार का निर्माण व मानवीय मूल्यों का बढ़ावा मिलता है : डॉ विनोद

Edited by PRADEEP KUMAR
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नातन परंपरा में वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न होने पर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास व लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है. साथ ही साथ मानवीय मूल्यों का निर्माण व संरक्षण तथा संवर्द्धन भी होता है. उक्त बातें यज्ञाचार्य डॉ विनोद कुमार उपाध्याय भागवत मधुरेश ने सुईयाडीह पेशम में अपने प्रवचन के दौरान कही.

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पेशम में नौ दिवसीय शतचंडी व हनुमंत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

ससुईयाडीह में नवनिर्मित मंदिर परिसर में 12 अप्रैल से नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ सह हनुमंत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव चल रहा है. पूजन-हवन के साथ संगीतमय प्रवचन हो रहा है. इस दौरान भगवती व हनुमान जी के दयालुता तथा कार्यसिद्धि के प्रभाव का वर्णन करते हुए यज्ञाचार्य जी ने विभिन्न ग्रंथों के कई श्लोकों एवं उद्धरण किया. कहा कि माता सीता व प्रभु राम भी सर्व सामर्थ्य से युक्त होते हुए भी अपने कार्य की सिद्धि के लिए भगवती की उपासना करते हैं और हनुमान जी की सहायता लेते हैं. ठीक उसी प्रकार किसी भी समय में मनुष्य को सर्वांगीण सफलता तथा हर्ष प्राप्ति के लिए इन दोनों की उपासना करनी चाहिए. इस यज्ञ में मानस सरस पं. शिवाकांत मिश्रा, उपाचार्य पं. किशोर उपाध्याय, साध्वी किशोरी प्रिया, अमित उपाध्याय, कुंदन उपाध्याय, चंदन उपाध्याय, आनंद उपाध्याय, रूपेश उपाध्याय, निरंजन शास्त्री, युगल पाठक तथा महामंडलेश्वर धीरेंद्राचार्य, यज्ञ समिति के मुखिया टुपलाल वर्मा, किशुन यादव, मुकेश वर्मा, विकास राणा समेत ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं.

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