सुबह और रात में कोहरा से लोग परेशान रहे. दोपहर में थोड़ी देर के लिए धूप खिली तो लोगों ने राहत महसूस किया. लेकिन, कनकनी कम नहीं हुई. इधर शाम होते ही शहर के बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसर गया. शीतलहर से बच्चे व वृद्ध अधिक परेशान है.
आसमान में छाये रहे बादल
नववर्ष के बाद दो-तीन दिन मौसम साफ होने से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन पिछले दो दिनों से आसमान में छाये बादल व शीतलहरी ने एक बार फिर कनकनी बढ़ा दी है. अचानक बढ़ी ठंड से इंसान तो क्या पशु भी परेशान हैं. ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कभी कोहरे, तो कभी बादल और शीतलहरी से लोग परेशान हैं. लोग सुबह नौ बजे तक घर में रहते हैं. शाम होते ही सड़क पर सन्नाटा पसर जाता है. पशुपालक ठंड से बचाव के लिए पशुओं को पुराना कंबल व बोरा ओढ़ा रहे हैं. ब्लॉक में कार्यरत कर्मी भी 4 बजे के बाद परिसर में अलाव जलाकर ठंड से मुक्ति की जुगाड़ लगाते नजर आ रहे हैं.शीतलहर ने जरूरतमंदों की बढ़ाई चिंता
बिरनी प्रखंड में शीतलहर ने जरूरमंदों की चिंता बढ़ा दी है. आमलोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है. कंपकपाती ठंड और सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है. सड़कों पर शाम चार बजते ही सन्नाटा पसर जाता है. शीतलहर से बचने के लिए लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं. सबसे अधिक दैनिक मजदूर व ऑफिस जानेवाले कर्मी हो रहे हैं. ठंड से पशुओं को बचाने की चिंता पशुपालकों को सता रही है. मवेशियों को पुराना कपड़ा और बोरा से ढककर ठंड से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा ने बताया कि सीओ के अनुसार चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था के लिए कई मुखिया को पांच-पांच हजार रुपये दिये गये हैं, लेकिन कहीं भी अलाव जलते नहीं दिख रहा है. दो-चार दिन प्रखंड मुख्यालय के गेट के पास अलाव जलते देखा गया. ठंड को देखते हुए प्रशासन चौक-चौराहों पर जल्द अलाव की व्यवस्था करे. वहीं, सीओ संदीप मधेसिया ने कहा कि अलाव की व्यवस्था की गई है. प्रखंड मुख्यालय के सामने प्रतिदिन अलाव जल रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

