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Giridih News : जमुआ में फायरिंग करने के सात आरोपित गिरफ्तार

Updated at : 07 Jan 2026 12:11 AM (IST)
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Giridih News : जमुआ में फायरिंग करने के सात आरोपित गिरफ्तार

Giridih News : जमुआ गोलीकांड. घायल होकर अस्पताल पहुंचा मुख्य आरोपी, यहीं से पुलिस के हत्थे चढ़ा

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Giridih News : प्रतिनिधि, गिरिडीह. जमुआ थाना क्षेत्र के ग्राम भूपतडीह में तीन जनवरी को हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मामले में शामिल सातों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मंगलवार को एसपी डॉ विमल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जमुआ थाना क्षेत्र के ग्राम द्वारपहरी निवासी स्वर्गीय दीपू साव का पुत्र रामू साव, भरकट्टा ओपी क्षेत्र के द्वारपहरी निवासी महेंद्र साव का पुत्र विजय साव, स्वर्गीय मेघलाल मंडल का पुत्र संजय कुमार उर्फ संजय मंडल, सुखदेव यादव का पुत्र पंकज यादव उर्फ कारू यादव, जमुआ थाना क्षेत्र के जोरासांख निवासी छोटू प्रसाद वर्मा का पुत्र अमित कुमार उर्फ अमित वर्मा, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुसुम्भा निवासी बिहारी मंडल का पुत्र नारायण मंडल तथा गप्पैय निवासी साधु मंडल का पुत्र राजकुमार मंडल शामिल है. एसपी ने बताया कि जमीन खरीद-बिक्री में बकाया रुपये को लेकर आरोपियों का संतोष विश्वकर्मा के साथ विवाद चल रहा था. इसी विवाद के दौरान सभी आरोपी संतोष विश्वकर्मा के पास पहुंचे और हवाई फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान आरोपियों ने पिस्टल के बट से संतोष विश्वकर्मा के सिर पर भी हमला कर दिया, इससे वह घायल हो गया. घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गये थे. एसपी ने बताया कि फायरिंग कांड के बाद फरार होने के क्रम में मुख्य आरोपी रामू साव के साथ एक अप्रत्याशित घटना घटी. भागते समय और पिस्टल को कमर में खोंसने के दौरान ट्रिगर दब गया, इससे गोली सीधे रामू साव की जांघ में जा लगी. आनन-फानन में उसके साथियों ने उसे पचंबा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. हालांकि, उसे भर्ती कराकर अन्य लोग वहां से फरार हो गये. मामले की गंभीरता को देख चिकित्सक ने इसकी सूचना जमुआ थाना और पचंबा थाना की पुलिस को दी. सूचना पर दोनों थानों की पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और घायल अवस्था में मुख्य आरोपी रामू साव को हिरासत में ले लिया. बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया. इसके बाद पुलिस टीम ने सबसे पहले उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया और फिर पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए धनबाद ले जाया गया. हिरासत में लिए जाने के बाद उससे गहन पूछताछ की गयी, इसमें उसने फायरिंग की घटना में शामिल अपने अन्य साथियों की पहचान उजागर की. रामू से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने पचंबा स्थित निजी अस्पताल के बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला. फुटेज के माध्यम से पुलिस ने उन लोगों की पहचान की, जो घायल आरोपी को अस्पताल लेकर आये थे. सीसीटीवी साक्ष्य और रामू साव के बयान के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. बताते चलें कि फायरिंग की घटना के बाद मौके पर पहुंचे जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव ने घटनास्थल से गोली का खोखा बरामद किया था. बाद में घायल संतोष विश्वकर्मा के आवेदन के आधार पर जमुआ थाना में कांड संख्या 3/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गयी. आरोपितों को पकड़ने के लिए बनायी गयी थी विशेष टीम एसपी के आदेश पर खोरीमहुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. इस टीम को अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी. दल में एसडीपीओ के अलावा एक जमुआ इंस्पेक्टर प्रदीप दास, जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव, पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार, भरकट्टा ओपी प्रभारी अमन कुमार सिंह तथा नवडीहा ओपी प्रभारी दीपक कुमार को शामिल किया गया. वहीं अभियान को मजबूत करने के लिए जमुआ थाना के एसआई रोहित कुमार सिंह, एएसआई वेद प्रकाश सिंह, एएसआई सुमित कुमार सिंह को टीम में शामिल किया गया. तकनीकी साक्ष्यों के संकलन और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए तकनीकी शाखा से आरक्षी जोधन कुमार और आरक्षी राजेश गोप को विशेष रूप से लगाया गया था. वहीं, आरक्षी संदीप करमाली, आरक्षी दिनेश यादव तथा दिग्वार टेकलाल प्रसाद वर्मा ने भी छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग किया. जंगल में छिपे थे आरोपी, कार की लाइट ने खोल दिया राज मुख्य आरोपी रामू की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिले. इसी क्रम में पुलिस टीम को पांच जनवरी की रात करीब 11:10 बजे तकनीकी व मानवीय सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ आरोपी ग्राम जरुआडीह के समीप जंगल क्षेत्र में छिपे हुए हैं. इसके बाद टीम ने सशस्त्र बल के सहयोग से इलाके की घेराबंदी की. इस दौरान जमुआ थाना क्षेत्र के जोरासांख–डबरसैनी रोड के किनारे स्थित जंगल में एक कार खड़ी देखी गयी, इसकी लाइट जल रही थी और कार के अंदर कुछ व्यक्ति बैठे थे. पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोका और सभी व्यक्तियों को बाहर निकालकर हिरासत में लिया. सवार पांचों से पूछताछ के साथ-साथ तलाशी ली गयी. तलाशी के दौरान विजय साव नामक युवक के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल बरामद की गयी, इसके मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस थे. वहीं, संजय कुमार उर्फ संजय मंडल के पास से दो जिंदा कारतूस मिले. अमित कुमार उर्फ अमित वर्मा के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल मिली और मैगजीन में दो जिंदा कारतूस मिले. इसके अलावा पंकज यादव उर्फ कारू यादव के पास से तीन जिंदा कारतूस, जबकि नारायण मंडल के पास से एक खाली मैगजीन के साथ दस जिंदा कारतूस बरामद किये गये. पुलिस ने मौके से बरामद सभी हथियार और कारतूस को जब्त कर लिया. एसपी ने बताया कि इसी कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी राजकुमार मंडल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस गिरोह को हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था. पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों और कारतूसों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों का रहा है लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस कांड के मुख्य आरोपी रामू साव का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है. जमुआ थाना में इसके ऊपर डकैती, आर्म्स एक्ट, हत्या समेत कई गंभीर मामलों में कई केस दर्ज हैं. आरोपी विजय साव के विरुद्ध बिरनी थाना और जमुआ थाना में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं. वहीं आरोपी अमित कुमार के खिलाफ बिरनी थाना में केस दर्ज है. पुलिस के अनुसार हथियार उपलब्ध कराने वाले आरोपी राजकुमार मंडल के विरुद्ध अहिल्यापुर थाना में चोरी व अवैध शराब से जुड़े मामलों में केस दर्ज हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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