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रानीगंज डकैती कांड में शामिल सिवान का सोनू गुप्ता घायलावस्था में सरिया से गिरफ्तार

Updated at : 10 Jun 2024 11:29 PM (IST)
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रानीगंज डकैती कांड में शामिल सिवान का सोनू गुप्ता घायलावस्था में सरिया से गिरफ्तार

रानीगंज के सेनको गोल्ड एंड डायमंड शोरूम में डकैती और आसनसोल में कार लूटने के दौरान उसके मालिक को गोली मारने के दो अलग-अलग मामलों का दूसरा आरोपी बिहार के सिवान का सोनू गुप्ता सोमवार को गिरिडीह के सरिया थाना अंतर्गत कोयरीडीह जंगल से गिरफ्तार हुआ.

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रानीगंज डकैती कांड में शामिल सिवान का सोनू गुप्ता घायलावस्था में सरिया से गिरफ्तार

सेनको गोल्ड एंड डायमंड शोरूम में डकैती के दौरान फायरिंग में लगी थी पुलिस अधिकारी की गोली

धनबाद के एसएनएमएमसीएच में चल रहा सोनू का इलाज

कोयरीडीह जंगल में सर्च अभियान के दौरान पकड़ाया

सिवान के अजय सिंह और गोपालगंज के सोनू सिंह का नाम भी अपराध में आया सामने

अपराध में सात लोग थे शामिल

प्रतिनिधि, गिरिडीह/आसनसोल.

रानीगंज के सेनको गोल्ड एंड डायमंड शोरूम में डकैती और आसनसोल में कार लूटने के दौरान उसके मालिक को गोली मारने के दो अलग-अलग मामलों का दूसरा आरोपी बिहार के सिवान का सोनू गुप्ता सोमवार को गिरिडीह के सरिया थाना अंतर्गत कोयरीडीह जंगल से गिरफ्तार हुआ. उसे इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल धनबाद में लाया गया है, जहां पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है. उसके पेट में गोली लगी है. कांड को अंजाम देकर कार में भागनेवाले चार आरोपियों में से गोपालगंज (बिहार) जिला के उचकागांव थाना क्षेत्र के बंकीखाल गांव का निवासी सूरज कुमार सिंह और सोनू गुप्ता पकड़े गये हैं. भोला साव के पुत्र सोनू गुप्ता ने पुलिस को बताया कि अपराध में कुल सात लोग शामिल थे, जिसमें से कार में कुल चार लोगों में सिवान का अजय सिंह और गोपालगंज का सोनू सिंह उनके साथ था. कार छोड़कर चारों लोग जंगल में भागे थे. आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) और गिरिडीह पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप जंगल इलाके में डॉग स्क्वायड के साथ सर्च ऑपरेशन रविवार से ही जारी रखा है. पुलिस आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कमिश्नरेट से फिलहाल तीन टीमें बिहार और झारखंड के विभिन्न इलाकों में भेजी गयी हैं. सारे आरोपी जल्द पकड़े जायेंगे.

डकैती शुरू होने के दो मिनट के अंदर ही पुलिस गोली चला देगी इसकी नहीं थी उम्मीद

रानीगंज में सेनको गोल्ड में डाका डालने आये अपराधियों के साथ रविवार को खेला हो गया. कांड को अंजाम देने के दौरान ही श्रीपुर पुलिस फाड़ी के प्रभारी मेघनाथ मंडल द्वारा बाहर निगरानी के लिए निकले एक अपराधी पर फायरिंग करते ही डकैतों का सारा खेल बिगड़ गया. वे लोग अब गहना लूटने के बजाय जान बचाकर भागने पर सारा ध्यान केंद्रित कर दिया. सात में से एक अपराधी को गोली लगने के बाद तो वे लोग गहनों से भरा बैग भी ले जाना भूल गये. उन्होंने जब प्लान तैयार किया होगा, उसमें इस बात का जिक्र ही नहीं होगा कि डकैती शुरू होने के दो मिनट के अंदर पुलिस पहुंचकर फायरिंग करेगी तो बैकअप प्लान क्या होगा? जिसके कारण फायरिंग होते ही उनमें भगदड़ मच गयी. घायल साथी को किसी तरह रानीगंज से लेकर निकले, लेकिन बाइक में तीन लोड लेकर कमिश्नरेट से बाहर निकलना उनके लिए खतरा हो गया था. इसलिए आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र में आकर दूसरा अपराध किया और एक कार को लूटा, इस दौरान कार मालिक को गोली मार दी. गोली उनके पैर में लगी, डर से वे और उनका परिवार कार से बाहर निकल गये. भागने के लिए जो भी प्लान था, वह सारा फेल हो गया था. कार में जीपीएस लगा था, जो उनके दिमाग मे नहीं रहा. आधा घंटा बाद ही पुलिस को कार का जीपीएस लोकेशन मिल गया. कार बंगाल पार कर चुकी थी. झारखंड पुलिस के साथ कोऑर्डिनेट कर पुलिस कार का पीछा करती रही और आखिरकार गिरिडीह के सरिया इलाके में कार छोड़कर भागने के क्रम में एक आरोपी सूरज को पकड़ लिया. पुलिस के लिए गैंग की पहचान हो चुकी है अब बाकी आरोपियों के लिए पकड़ने का प्रयास चल रहा है.

कार लूटने और कार मालिक को गोली मारने के मामले में सूरज 14 दिनों की पुलिस रिमांड में

रविवार को आरोपियों ने दो थाना क्षेत्रों रानीगंज और आसनसोल साउथ में आपराधिक घटना को अंजाम दिया. रानीगंज में सेनको गोल्ड एंड डायमंड शोरूम में डाका डाला और 1.85 करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात लेकर भागने में सफल रहे. यहां से आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र में आकर एक कार लूटा और कार मालिक नयन दत्ता को गोली मारी. उनके चचेरे ससुर मुर्गासोल इलाके के निवासी मलय सिन्हा ने आसनसोल साऊथ थाना में शिकयत दर्ज करायी कि उनकी भतीजी सुमना दत्ता रविवार को अपने पति नयन के साथ अपनी कार में एक निमंत्रण में जा रहे थे. इसी दौरान मोहिशिला चक्रवर्ती मोड़ के पास अचानक चार लोग बाइक से कार के सामने आ गए और कार रोककर नयन को कार देने को कहा. कार उन्हें नहीं देने बदमाशों ने नयन पर गोली चला दी, जो उसके पैर में लगी. जिसके बाद दोनों कार से बाहर निकल गये और बदमाश कार लेकर निकल गये. इस शिकायत के आधार पर आसनसोल साउथ थाना में कांड संख्या 178/24 में आइपीसी की धारा 394/397/307 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है. गिरिडीह से रविवार को गिरफ्तार सूरज कुमार सिंह को सोमवार पुलिस ने इसी मामले में अदालत में पेश किया. जांच अधिकारी महराज अंसारी ने इनके अन्य साथियों को पकड़ने व इनके अन्य अपराधों की जानकरी पाने का हवाला देकर 14 दिनों की पुलिस रिमांड की अपील की. अदालत ने 14 दिनों का ही रिमांड मंजूर कर लिया. इस मामले के बाद रानीगंज मामले में पुलिस इसे पेश करके पुनः 14 दिनों की रिमांड की अपील करेगी. उम्मीद है कि रिमांड के दौरान काफी कुछ जानकारी पुलिस को मिलेगी.

सोनू गुप्ता को माना जा रहा है मुख्य सरगना, इसी के पास थी कार्बाइन

सोमवार को गिरिडीह में गिरफ्तार सोनू गुप्ता को इस कांड का सरगना माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार सातों आरोपियों का नेतृत्व यही दे रहा था. शोरूम में दाखिल होने के बाद सोनू अपने बैग से टुकड़ों में रखा हुआ कारबाइन निकाल कर उसे सेट करता है और हाथ में उसे लहराता है. पुलिस अधिकारी के फायरिंग के बाद जैसे ही सोनू कार्बाइन लेकर गेट से बाहर निकलता है उसे गोली लग जाती है और कारबाइन उसके हाथ से छिटककर गिर जाता है. यदि उसे गोली नहीं लगती तो कारबाइन से फायरिंग में कुछ भी हो सकता था. उस दौरान अपनी जान बचाने के लिए वे कुछ भी कर सकते थे.

पूछताछ में उगले कई राज, अन्य की भी तलाश जारी : एसडीपीओ

सरिया-बगोदर के एसडीपीओ धनंजय कुमार राम ने बताया कि अपराधी रविवार को लगभग दो करोड़ की लूट की घटना को अंजाम बिहार के छह-सात शातिर अपराधियों ने दिया था. चार अपराधी एक ही चार पहिया वाहन में सवार होकर बंगाल से बिहार की ओर भाग रहे थे. सूचना पर गिरिडीह पुलिस ने घेराबंदी की. इसके कारण अपराधी आगे नहीं जा सके और भागने के क्रम में सरिया के कोयरीडीह सड़क में घुस गये. पुलिस ने एक अपराधी सूरज कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में सूरज ने स्वीकार किया कि छह-सात अपराधी के घटना में शामिल थे. चार पहिया वाहन में तीन और अपराधी सवार थे. सभी कोयरीडीह के बीच जंगल में उतर गये. इस सूचना पर छापेमारी की गयी और मुख्य सरगना सोनू गुप्ता पुलिस के हत्थे चढ गया. बताया कि उसने अपने दो सहयोगी गोपालगंज के सोनू सिंह और सीवान के अजय सिंह के भी शामिल होने की बात कही गयी. जब्त वाहन में ये दोनों फरार अपराधी भी सवार थे. इनकी गिरफ्तार के लिए छापेमारी की जा रही है. गिरफ्तार अपराधी के पास से ना तो हथियार और ना ही जेवरात बरामद हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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