दुबई में कैद झारखंड के 14 मजदूर, पेट की आग बुझाना भी हुआ मुश्किल, सरकार से वतन वापसी की गुहार

Updated at : 02 Feb 2026 10:52 AM (IST)
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Jharkhand Migrant Workers

दुबई में फंसे झारखंड के मजदूर, Pic Credit- Prabhat khabar

Jharkhand Migrant Workers: झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 14 प्रवासी मजदूर दुबई में गंभीर संकट में फंसे हुए हैं. कंपनी द्वारा वेतन न दिये जाने के कारण मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं और वीडियो भेजकर सरकार से वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं. वहीं, सऊदी अरब में मृत एक गिरिडीह श्रमिक का शव भी 3 महीने बाद भी झारखंड नहीं पहुंचा है.

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Jharkhand Migrant Workers, गिरिडीह : झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेश में फंसने की खबर लगातार हमारे सामने आते रहती है. इस बार भी गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले के 14 प्रवासी मजदूर दुबई में फंसे हुए हैं. मजदूरों का आरोप है कि संबंधित कंपनी उनसे समय से अधिक काम करा रही है, लेकिन पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है. आर्थिक तंगी के कारण मजदूरों को रहने और खाने-पीने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मजदूरों ने वीडियो के माध्यम से की मदद की अपील

विदेश में फंसे मजदूरों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए एक वीडियो भेजकर सरकार से मदद की अपील की है. यह वीडियो प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली को भेजा गया, जिसे उन्होंने मीडिया के जरिये साझा किया है.

केंद्र-राज्य से कूटनीतिक पहल की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कहा कि विदेशों में झारखंड के मजदूरों के फंसने के मामले नये नहीं हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि दुबई में फंसे मजदूरों की सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई बार मजदूर ज्यादा कमाई की आस में विदेश गए और वहां फंस गए, जिनकी वापसी काफी मशक्कत के बाद हो सकी.

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सऊदी अरब में मौत, तीन महीने बाद भी नहीं लौटा शव

सिकंदर अली ने एक और गंभीर मामले की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया कि गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के मधगोपाली पंचायत (दूधपनिया गांव) निवासी प्रवासी श्रमिक विजय कुमार महतो की 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में मौत हो गयी थी. घटना के तीन महीने बाद भी शव देश नहीं लाया जा सका, न ही परिजनों को कोई मुआवजा मिला है.

अक्टूबर 2025 में गये थे दुबई

जानकारी के अनुसार, ये सभी मजदूर अक्टूबर 2025 में ईएमसी कंपनी में ट्रांसमिशन लाइन के काम के लिए दुबई गये थे. मजदूरों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से किसी को भी नियमित वेतन नहीं मिला, जिसके कारण वे खाने तक के लिए मोहताज हो गए हैं.

दुबई में फंसे मजदूरों की सूची

गिरिडीह: चिचाकी के रोशन कुमार, अजय कुमार; तिरला के राजेश महतो, मंडरो; डुमरडेली के अजय कुमार

बोकारो: कंजकीरो के डालेश्वर महतो

हजारीबाग: खेदाडीह के जागेश्वर महतो, फालेन्द्र महतो; सिरैय के बैजनाथ महतो; पारजोरिया के दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो; चकचुको बसरिया के दीपक कुमार; गोरहर के रोहित महतो और सेवा महतो

इन सभी मजदूरों और उनके परिजनों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर वेतन भुगतान और वतन वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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