Giridih News: मधुबन में मोरारी बापू की रामकथा में उमड़े श्रद्धालु, बोले- भगवान राम का स्मरण कर जीवन धन्य करें

Giridih News: रामकथा से पहले पूजा-अर्चना करने पहुंची साध्वियां. फोटो : प्रभात खबर
Giridih News: गिरिडीह जिले में पारसनाथ पहाड़ के लिए मशहूर मधुबन में मोरारी बापू की रामकथा जारी है. बापू को सुनने के लिए श्रद्धालु उमड़ रहे हैं.
Giridih News: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को प्रेम ही प्रिय है. हमें भगवान से प्रेम करना चाहिए. भगवान राम का स्मरण कर हम अपने जीवन को धन्य करें. ये बातें प्रसिद्ध कथावाचक आध्यात्मिक संत मोरारी बापू ने सम्मेद शिखर की भूमि मधुबन स्थित मकर संक्रांति मेला मैदान में कहीं.
मधुबन के मकर संक्रांति मेला मैदान में 9 दिवसीय रामकथा
गिरिडीह जिले के मधुबन में आयोजित 9 दिवसीय रामकथा के छठे दिन गुरुवार (20 जून) को मोरारी बापू ने मनुष्य की 5 इंद्रियों की विशेषताएं भी बतायीं. मोरारी बाबू ने पारसनाथ की हरियाली की भी खूब प्रशंसा की. कहा कि व्यक्ति का मनोभाव जीवन में मायने रखता है. उन्होंने रामकथा के दौरान वाल्मीकि जी एवं रामचंद्र जी के बीच वार्तालाप का वर्णन किया.
मोरारी बापू ने 6ठे दिन वाल्मीकि-राम संवाद के बारे में बताया
मोरारी बापू ने गिरिडीह के मधुबन में आयोजित रामकथा में कहा कि वाल्मीकि जी से जब भगवान राम ने वनवास के दौरान जंगल में रहने के स्थान के बारे में पूछा, तो महर्षि वाल्मीकि ने भगवान को चित्रकूट गिरि के बारे में बताया. वाल्मीकि ने भगवान से आग्रह किया कि वह चित्रकूट गिरि में निवास करें. साथ ही सुंदर जंगल, पर्वत, पशु-पक्षियों के बारे में भी उन्हें बताया. चित्रकूट में अति पवित्र मंदाकिनी गंगा के बारे में बताया.

पर्ण कुटी में रहने लगे भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता
वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम से कहा कि चित्रकूट में कई महापुरुष तपस्वी जप-तप करते हैं. चित्रकूट एवं मंदाकिनी गंगा की विशेषता सुनने के बाद राम, लखन एवं माता सीता ने मंदाकिनी में स्नान किया. इसके बाद राम, लखन एवं माता जानकी पर्ण कुटी में रहने लगे. यहां भगवान से मिलने के लिए देवता, ऋषि-मुनि व प्रसन्नचित महात्मा एवं आदिवासी वनवासी भी आते थे.
केंदुआडीह में आदिवासी के घर मोरारी बापू ने किया भोजन
आदिवासी एवं वनवासियों के प्रति भगवान राम को बहुत प्रेम रहा. केंदुआडीह के एक आदिवासी परिवार के घर मोरारी बापू ने बुधवार की शाम को भोजन किया. मोरारी बापू के केंदुआडीह आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया. केंदुआडीह निवासी कार्तिक बेसरा के घर मोरारी बापू ने भोजन किया.

रामकथा सुनने देश-विदेश से पहुंचे हैं श्रद्धालु
आयोजन समिति के मुकेश जालान ने बताया कि मोरारी बापू की रामकथा सुनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मधुबन पहुंचे हैं. रामकथा सुनने के लिए अमेरिका, नेपाल, भूटान के अलावा दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, गुजरात, यूपी, बंगाल, झारखंड, बिहार आदि राज्यों से श्रद्धालु मधुबन पहुंचे हुए हैं. सभी के ठहरने के लिए मधुबन में उत्तम व्यवस्था की गयी है.
संगीतमय भजनों पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
मोरारी बापू की रामकथा के लिए मधुबन के मकर संक्राति मेला मैदान में भव्य और आकर्षक वातानुकूलित पंडाल में भगवान श्री राम की भव्य और आकर्षक प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. वहीं कथा के चौथे दिन मोरारी बापू द्वारा प्रस्तुत भजन ‘मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी…’ आदि भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये.
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By Mithilesh Jha
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