ePaper

Giridih News: मधुबन में मोरारी बापू की रामकथा में उमड़े श्रद्धालु, बोले- भगवान राम का स्मरण कर जीवन धन्य करें

Updated at : 20 Jun 2024 8:00 PM (IST)
विज्ञापन
giridih news morari bapu ram katha at madhuban

Giridih News: रामकथा से पहले पूजा-अर्चना करने पहुंची साध्वियां. फोटो : प्रभात खबर

Giridih News: गिरिडीह जिले में पारसनाथ पहाड़ के लिए मशहूर मधुबन में मोरारी बापू की रामकथा जारी है. बापू को सुनने के लिए श्रद्धालु उमड़ रहे हैं.

विज्ञापन

Giridih News: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को प्रेम ही प्रिय है. हमें भगवान से प्रेम करना चाहिए. भगवान राम का स्मरण कर हम अपने जीवन को धन्य करें. ये बातें प्रसिद्ध कथावाचक आध्यात्मिक संत मोरारी बापू ने सम्मेद शिखर की भूमि मधुबन स्थित मकर संक्रांति मेला मैदान में कहीं.

मधुबन के मकर संक्रांति मेला मैदान में 9 दिवसीय रामकथा

गिरिडीह जिले के मधुबन में आयोजित 9 दिवसीय रामकथा के छठे दिन गुरुवार (20 जून) को मोरारी बापू ने मनुष्य की 5 इंद्रियों की विशेषताएं भी बतायीं. मोरारी बाबू ने पारसनाथ की हरियाली की भी खूब प्रशंसा की. कहा कि व्यक्ति का मनोभाव जीवन में मायने रखता है. उन्होंने रामकथा के दौरान वाल्मीकि जी एवं रामचंद्र जी के बीच वार्तालाप का वर्णन किया.

मोरारी बापू ने 6ठे दिन वाल्मीकि-राम संवाद के बारे में बताया

मोरारी बापू ने गिरिडीह के मधुबन में आयोजित रामकथा में कहा कि वाल्मीकि जी से जब भगवान राम ने वनवास के दौरान जंगल में रहने के स्थान के बारे में पूछा, तो महर्षि वाल्मीकि ने भगवान को चित्रकूट गिरि के बारे में बताया. वाल्मीकि ने भगवान से आग्रह किया कि वह चित्रकूट गिरि में निवास करें. साथ ही सुंदर जंगल, पर्वत, पशु-पक्षियों के बारे में भी उन्हें बताया. चित्रकूट में अति पवित्र मंदाकिनी गंगा के बारे में बताया.

मधुबन के मकर संक्रांति मेला मैदान में श्रद्धालुओँ के बीच से होकर प्रवचन करने के लिए स्टेज पर जाते मोरारी बापू. फोटो : प्रभात खबर

पर्ण कुटी में रहने लगे भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता

वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम से कहा कि चित्रकूट में कई महापुरुष तपस्वी जप-तप करते हैं. चित्रकूट एवं मंदाकिनी गंगा की विशेषता सुनने के बाद राम, लखन एवं माता सीता ने मंदाकिनी में स्नान किया. इसके बाद राम, लखन एवं माता जानकी पर्ण कुटी में रहने लगे. यहां भगवान से मिलने के लिए देवता, ऋषि-मुनि व प्रसन्नचित महात्मा एवं आदिवासी वनवासी भी आते थे.

केंदुआडीह में आदिवासी के घर मोरारी बापू ने किया भोजन

आदिवासी एवं वनवासियों के प्रति भगवान राम को बहुत प्रेम रहा. केंदुआडीह के एक आदिवासी परिवार के घर मोरारी बापू ने बुधवार की शाम को भोजन किया. मोरारी बापू के केंदुआडीह आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया. केंदुआडीह निवासी कार्तिक बेसरा के घर मोरारी बापू ने भोजन किया.

मधुबन के मकर संक्रांति मेला मैदान में भाव-विभोर होकर मोरारी बापू की रामकथा सुनते श्रद्धालु. फोटो : प्रभात खबर

रामकथा सुनने देश-विदेश से पहुंचे हैं श्रद्धालु

आयोजन समिति के मुकेश जालान ने बताया कि मोरारी बापू की रामकथा सुनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मधुबन पहुंचे हैं. रामकथा सुनने के लिए अमेरिका, नेपाल, भूटान के अलावा दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, गुजरात, यूपी, बंगाल, झारखंड, बिहार आदि राज्यों से श्रद्धालु मधुबन पहुंचे हुए हैं. सभी के ठहरने के लिए मधुबन में उत्तम व्यवस्था की गयी है.

संगीतमय भजनों पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

मोरारी बापू की रामकथा के लिए मधुबन के मकर संक्राति मेला मैदान में भव्य और आकर्षक वातानुकूलित पंडाल में भगवान श्री राम की भव्य और आकर्षक प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. वहीं कथा के चौथे दिन मोरारी बापू द्वारा प्रस्तुत भजन ‘मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी…’ आदि भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये.

इसे भी पढ़ें

गिरिडीह में बोले कथावाचक मोरारी बापू- जिसे गुरु में परमात्मा नहीं दिखता हो, उसे खुद के हृदय में कैसे परमात्मा दिखेगा

गिरिडीह में मोरारी बापू का रामकथा शुरू, प्रवचन सुनने उमड़े श्रद्धालु

सत्य ही शाश्वत है और राम सत्य है, गिरिडीह की रामकथा में बोले मोरारी बापू

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola