झारखंड राज्य के सबसे ऊंचे शिखर पारसनाथ पर्वत पर आग लगाने की घटना पर रोक लगाने की मांग की गयी है. पारसनाथ मकर संक्रांति मेला समिति मधुबन सह जेएलकेएम के संस्थापक सदस्य नरेश कुमार महतो ने कहा है कि पारसनाथ पहाड़ का अस्तित्व बचाने की जरूरत है. प्रत्येक वर्ष गर्मी के दिनों में असामाजिक तत्वों एवं प्राकृतिक कारणों से आग लग जाती है. इससे लाखों पेड़-पौधे, पशु-पक्षी जलकर राख हो जाते हैं. पेड़ों की कटाई एवं अवैध रूप से पत्थरों के खनन से भी हरेक साल पहाड़ में कहीं-न-कहीं भूस्खलन देखने को मिल ही जाता है. इस वर्ष पारसनाथ पहाड़ पर आग न लगे, इसके लिए वन विभाग और मधुबन की संस्थाओं को विशेष पहल करनी चाहिए. पहाड़ का अस्तित्व बचा रहेगा, तभी श्रद्धालु यहां आयेंगे तथा शुद्ध वातावरण बना रहेगा. अगर मार्च महीने से ही कुछ पहल की जायेगी, तो बहुत हद तक पारसनाथ पहाड़ पर अगलगी की घटना को रोका जा सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

