पीरटांड़/गिरिडीह : पारसनाथ पहाड़ पर रविवार व सोमवार को पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ मामले को लेकर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. मधुबन थाना में अनल, अजय महतो, नुनूचंद महतो, रामदयाल महतो, संतोष महतो, रणविजय महतो, चिंटू बेसरा, पवन मांझी, सुनील मुर्मू, करमचन्द हांसदा, बलवीर महतो, पोके मरांडी, कृष्णा हांसदा, साहेबराम मांझी सहित 20-25 अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है. गौरतलब है कि पारसनाथ पहाड़ पर नक्सलियों के खिलाफ पुलिस द्वारा पिछले डेढ़ माह से अभियान चलाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पुलिस इलाके से नक्सलियों को भगाने का संकल्प ले चुकी है और इसी के तहत अभियान को चलाया जा रहा है. श्री वारियर ने कहा कि विकास के बाधकों को हटाने तक अभियान जारी रहेगा. एसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों को गोली लगी है, खून के धब्बे पाये गये हैं. उन्होंने कहा कि नक्सली का उद्देश्य सिर्फ लेवी वसूलना है और जनता भी इस बात को समझने लगी है. इलाके में पुलिस पर आमलोगों का विश्वास बढ़ा है नक्सलियों का खौफ कम हो रहा है. श्री वारियर ने कहा कि गर्मी से अभियान में शामिल जवानों को कुछ परेशानी हो रही है लेकिन हौसला कम नहीं हुआ है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता : एसपी
पारसनाथ में चल रहे अभियान को लेकर बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए गिरिडीह के एसपी अखिलेश बी वारियर ने कहा कि पुलिस की मंशा नक्सल प्रभावित क्षेत्र का समुचित विकास कराना है. इलाके के हर गांव में सड़क, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई की सुविधा बहाल करनी ही प्राथमिकता है.
