स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि सब कुछ देखने के बावजूद प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है. झारखंडधाम परिसर के प्रवेश मार्ग, मंदिर के आसपास तथा सरकारी भूमि पर अस्थायी दुकान, झोपड़ी और अवैध निर्माणों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इससे ना सिर्फ श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है, बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. खासकर श्रावणी मेला, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा व अन्य धार्मिक अवसरों पर भीड़ बढ़ने से स्थिति और खराब हो जाती है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में अतिक्रमण का धंधा फल-फूल रहा है. इधर, प्रशासन भी को कार्रवाई नहीं कर रहा है.
क्या कहते हैं श्रद्धालु
श्रद्धालु पार्वती वर्मा, सबिता सिंह, कोडरमा से आये बलराम सिंह, महादेव कोड़ा आदि ने कहा कि सरकार इसे पर्यटक स्थल का दर्जा दे चुकी है, लेकिन मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा रहा है. श्रद्धालु जब भी बाबा के दर्शन को आते हैं, तो सोचना पड़ता है कि बाइक कहां खड़ी करें. अतिक्रमण के कारण साफ-सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है. जगह-जगह कचरा जमा रहता है. इससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है. इसके कारण इस पवित्र स्थल की छवि धूमिल हो रही है. कहा कि प्रशासन को झारखंडधाम को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाना है.
पंचायत समिति की बैठक में उठा है मामला
बदडीहा वन पंचायत क्षेत्र में झारखंडधाम परिसर है. पंचायत समिति सदस्य राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि झारखंडधाम परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर वे समिति की मासिक बैठक में लगातार आवाज उठाते रहे, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है.
अतिक्रमण का एक मुकदमा हाइकोर्ट में है विचाराधीन
जमुआ के पूर्व सीओ संजय पांडेय ने पिछले वर्ष झारखंडधाम परिसर से जबरन दुकान बनाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की थी. इस दौरान परसन गांव के अनिल वर्मा की दुकान को जेसीबी लगाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया. पीड़ित ने देखा कि प्रशासन सिर्फ उसकी ही दुकान को ध्वस्त किया है, तो वे न्यायालय की शरण चलागया. कोर्ट ने पीड़ित के पक्ष में निर्णय देते हुए तत्कालीन सीओ को दोषी मानते हुए उपायुक्त को पत्र लिखा. इसमें पीड़ित अनिल वर्मा द्वारा दुकान ध्वस्त होने से दस लाख रुपये का क्षति की भरपायी करने का निर्देश दिया. कहा कि पूरी राशि जमा करायें. जमुआ के बीडीओ न कहा कि मामला न्यायालय में चल रहा है. सरकार हाइकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील में गयी है.
महाशिवरात्रि से पूर्व अतिक्रमण मुक्त होगा परिसर : एसडीएम
खोरीमहुआ के एसडीएम अनिमेष रंजन ने कहा कि महाशिवरात्रि के पूर्व झारखंडधाम परिसर को अतिक्रमक मुक्त करा लिया जायेगा. जमुआ के सीओ को झारखंडधाम परिसर की जमीन की जांच कर अतिक्रमण करने दुकानदारों को नोटिस देने के लिए कहा गया है. पूर्व सीओ द्वारा झारखंडधाम परिसर में अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया जा चुका है.
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