डॉक्टर के अपहरण मामले का जल्द हो सकता है खुलासा, बिहार में पकड़ाये अपराधियों को रिमांड पर लेकर गिरिडीह पुलिस करेगी पूछताछ
Updated at : 19 Sep 2018 6:01 AM (IST)
विज्ञापन

गिरिडीह : एक वर्ष पूर्व डुमरी इलाके से ओड़िशा निवासी मुर्गीदाना व्यवसायी सह भेटनरी डॉक्टर मानस रंजन दास के अपहरण मामले का खुलासा जल्द हो सकता है. इस मामले में एक वर्ष बाद पुलिस को अहम सुराग मिला है. यह सुराग बिहार के सासाराम पुलिस द्वारा अपहरण गिरोह के अपराधियों को पकड़ने के बाद मिला […]
विज्ञापन
गिरिडीह : एक वर्ष पूर्व डुमरी इलाके से ओड़िशा निवासी मुर्गीदाना व्यवसायी सह भेटनरी डॉक्टर मानस रंजन दास के अपहरण मामले का खुलासा जल्द हो सकता है. इस मामले में एक वर्ष बाद पुलिस को अहम सुराग मिला है. यह सुराग बिहार के सासाराम पुलिस द्वारा अपहरण गिरोह के अपराधियों को पकड़ने के बाद मिला है.
अब गिरिडीह पुलिस इन अपराधियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है. एसपी एसके झा ने आवश्यक कदम उठाने का निर्देश पुलिस पदाधिकारियों को दे रखा है. ज्ञात हो कि इस मामले में अपहरण के एक माह बाद ही उक्त डॉक्टर की बरामदगी हो गयी थी लेकिन गिरोह का खुलासा नहीं हो पाया था.
ऐसे पकड़े गये अपराधी : जुलाई में मध्य प्रदेश के रीवा से सीमेंट व्यवसायी संत बहादुर उर्फ लाला का अपहरण हो गया था. इस मामले में यूपी, एमपी के साथ बिहार पुलिस छापेमारी कर रही थी. इस बीच आठ सितंबर को मोहनियां कुदरा के पास ट्रेन से फिरौती की रकम फेंकी गयी तो पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से उक्त सीमेंट व्यवसायी के अपहरण में शामिल चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार अपराधियों में बिहार के औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र निवासी बलिंदर सिंह उर्फ राजेश, इंदौर के नारायण लोहरा, नालंदा के अंकित कुमार व अजीत कुमार सिंह शामिल हैं. उनकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर से एमपी से अपहृत सीमेंट व्यवसायी को बरामद किया गया. इन अपराधियों ने कई अपहरणकांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकारी. डॉ मानस के अपहरण में भी इन अपराधियों के शामिल रहने की आशंका है. ऐसे में गिरिडीह पुलिस ने चारों को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
कब हुई थी घटना : 23 अगस्त 2017 को कार से ओड़िशा जा रहे मानस का अपहरण डुमरी इलाके से कर लिया गया था. इसके बाद पुलिस ने बिहार, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन अपहृत की बरामदगी नहीं हो सकी. इस बीच अक्तूबर के पहले सप्ताह में आरा के कोइलवर से पुलिस ने मानस को घूमते हुए बरामद किया था. कहा जा रहा है कि मानस की रिहाई फिरौती की रकम मिलने के बाद हुई थी. हालांकि अपराधी पकड़े नहीं जा सके थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




