इबादत, सब्र व इंसानियत का पैगाम देता है रमजान का माहः इमाम हाफिज

Published by : Akarsh Aniket Updated At : 06 Mar 2026 8:42 PM

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रमजान के तीसरे जुमा पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़

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रमजान के तीसरे जुमा पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़ प्रतिनिधि, गढ़वा जिला मुख्यालय गढ़वा सहित आसपास के क्षेत्रों में रमजान-उल-मुबारक के तीसरे जुमा की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गयी. पवित्र माह रमजान के तीसरे जुमा को लेकर शहर की मस्जिदों में विशेष रौनक रही. नमाज अदा करने के लिए काफी संख्या में नमाजी विभिन्न मस्जिदों में पहुंचे और अमन-चैन, खुशहाली व मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं. जुमा की नमाज को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही जिले के कई इलाकों में काफी चहल-पहल रही. नमाजियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मस्जिदों की इंतजामिया कमेटियों द्वारा विशेष व्यवस्था की गयी थी. वजू के लिए अतिरिक्त पानी की व्यवस्था की गयी थी, ताकि नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. वहीं मस्जिद परिसरों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया था. ध्वनि विस्तारक यंत्रों की भी समुचित व्यवस्था की गयी थी, जिससे मस्जिद के अंदर और बाहर मौजूद सभी लोग खुतबा और तकरीर को आसानी से सुन सकें. शहर के इराकी मोहल्ला स्थित जामा मस्जिद में पेश इमाम हाफिज अब्दुस्समद ने नमाज-ए-जुमा अदा करायी और अपने तकरीर में रमजान की फजीलत पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का पैगाम देता है. उन्होंने रोजेदारों से अधिक से अधिक इबादत करने, जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में भाईचारा बनाये रखने की अपील की. टंडवा मस्जिद में मौलाना शाहजाद आलम मिसवाही ने नमाज-ए-जुमा की इमामत की, जबकि इंदिरा गांधी रोड स्थित छोटी मस्जिद में मौलाना लियाकत हुसैन ने नमाज अदा कराई. उंचरी मस्जिद में मुफ्ती मो. यूनुस, मदरसा तबलिगुल इस्लाम स्थित मस्जिद-ए-तैबा में मुफ्ती मोजाहिद हुसैन तथा कल्याणपुर मस्जिद में मौलाना यूसूफ अंसारी ने नमाज-ए-जुमा की इमामत करते हुए रोजेदारों को तकवा और परहेजगारी की राह अपनाने की नसीहत दी. नमाजियों ने की जरूरतमंदों की सहायता जुमा की नमाज के अवसर पर मस्जिदों के बाहर जकात और सदका-ए-फितर की मांग करने वालों की भी भीड़ लगी रही. नमाज अदा कर बाहर निकलने वाले लोगों ने अपनी हैसियत के अनुसार जकात और सदका-ए-फितर देकर जरूरतमंदों की सहायता की. लोगों ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में दान-पुण्य का विशेष महत्व है, जिस कारण कई लोगों ने जरूरतमंदों को कपड़े, अनाज और नकद राशि देकर उनकी मदद की.

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