मिट्टी संरक्षण और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी उपज : नवलेश
Published by : Akarsh Aniket Updated At : 03 Jun 2026 9:45 PM
मिट्टी संरक्षण और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी उपज : नवलेश
प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा के कृषि विज्ञान केंद्र की ओर बुधवार को गढ़वा प्रखंड के डुमरो और नारायणपुर गांव में खेत बचाओ अभियान के दूसरे दिन किसानों को मिट्टी संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. इस अवसर पर पशुपालन वैज्ञानिक डॉ बंधनु ओरॉन ने कहा कि फसलों को आवश्यक पोषक तत्व सही मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए खेतों में अजोला, नील हरित शैवाल तथा फॉस्फोरस घुलनशील जीवाणु (पीएसबी) का उपयोग करना चाहिए. उन्होंने बताया कि इससे मिट्टी में सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या बढ़ती है, जल धारण क्षमता में सुधार होता है और फसल उत्पादन में वृद्धि होती है. साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता. कृषि विज्ञान केंद्र के नवलेश कुमार ने बताया कि खेत बचाओ अभियान भारत सरकार का राष्ट्रव्यापी महाअभियान है, जो 1 जून से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा. इसके तहत कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विभाग और कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से पंचायत एवं गांव स्तर पर किसानों को मिट्टी जांच तथा संतुलित खाद-उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया जायेगा. उन्होंने कहा कि मिट्टी संरक्षण व प्राकृतिक खेती से किसानों की उपज बढ़ेगी, कार्यक्रम में अनिल कुमार, प्रदीप मेहता, शिव शंकर, नागवंती देवी, मिंटू देवी, खुशबू कुमारी, शिला देवी, ब्रजेश कुमार सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित थे. प्राकृतिक खेती के चार स्तंभ अपनाने की दी सलाह कृषि विज्ञान केंद्र के चंदन कुमार ने किसानों को प्राकृतिक खेती के चार प्रमुख स्तंभ जीवामृत, बीजामृत, मल्चिंग और वाफसा तकनीक अपनाने की सलाह दी. उन्होंने जीवाणु खाद, ट्राइकोडर्मा आधारित खाद तथा हरी खाद तैयार करने और उसके उपयोग की भी जानकारी दी. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गयी.
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