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तीन प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर जिले में इको टूरिज्म कॉरिडोर बनाने की तैयारी तेज

Updated at : 28 Nov 2025 9:20 PM (IST)
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तीन प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर जिले में इको टूरिज्म कॉरिडोर बनाने की तैयारी तेज

जिला पर्यटन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर राज्य पर्यटन व संवर्धन समिति को भेजा

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जिला पर्यटन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर राज्य पर्यटन व संवर्धन समिति को भेजा वरीय संवाददाता, गढ़वा गढ़वा जिले में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रशासन ने इको टूरिज्म के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पहल शुरू की है. जिला प्रशासन ने अन्नराज डैम, डैम राज और सुखलदरी जलप्रपात को जोड़ते हुए एक आकर्षक इको टूरिज्म कॉरिडोर विकसित करने की कार्य योजना तैयार की है. उपायुक्त दिनेश यादव की सहमति के बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए जिला पर्यटन विभाग ने राज्य पर्यटन एवं संवर्धन समिति को भेज दिया है. स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा. जिला पर्यटन पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि इन तीनों प्राकृतिक स्थलों को संयोजित कर एक सुंदर, सुरक्षित और पर्यटक अनुकूल कॉरिडोर विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है. गढ़वा जिला प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, घने जंगलों और जलस्रोतों से समृद्ध है. विशेषज्ञों का मानना है कि इको टूरिज्म के लिए यह क्षेत्र अत्यंत उपयुक्त है और आने वाले समय में यह राज्य का एक प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन गंतव्य बन सकता है. क्या है इको टूरिज्म इको टूरिज्म, जिसे पारिस्थितिक पर्यटन भी कहा जाता है, पर्यटन का वह स्वरूप है जो प्राकृतिक क्षेत्रों की यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता देता है. इसमें बर्ड वॉचिंग, नेचर वॉक, ट्रेकिंग और स्थानीय संस्कृति के अनुभव जैसी कम प्रभाव वाली गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यटन से होने वाली आय को प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण तथा स्थानीय लोगों के जीवनस्तर में सुधार पर व्यय करना है गढ़वा को क्या होगा लाभ – रोजगार सृजन : स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होमस्टे संचालक, हस्तकला विक्रेता सहित कई क्षेत्रों में नये रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे पलायन रुकेगा. – आर्थिक प्रगति : पर्यटकों की बढ़ती आमदनी से स्थानीय बाजारों को गति मिलेगी और उत्पादों को नया बाजार मिलेगा. – प्राकृतिक संपदाओं का संरक्षण : अन्नराज डैम, डैम राज और सुखलदरी जैसे प्राकृतिक स्थलों के विकास और रखरखाव के लिए विशेष आवंटन उपलब्ध होगा. – स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा : जिले की कला, संस्कृति और व्यंजनों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा. – बुनियादी सुविधाओं में सुधार : पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सड़क, बिजली, पानी और संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिसका लाभ आम जनता को भी मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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