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नर्सिंग के प्रशिक्षु ने मरीज से ठगे दो हजार रुपये

Updated at : 02 Jun 2025 10:00 PM (IST)
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नर्सिंग के प्रशिक्षु ने मरीज से ठगे दो हजार रुपये

नर्सिंग के प्रशिक्षु ने मरीज से ठगे दो हजार रुपये

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गढ़वा.

सदर अस्पताल में ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. आरोप है कि प्रशिक्षण के लिए सदर अस्पताल में निजी नर्सिंग संस्थानों से आने वाले कई प्रशिक्षु भी ऐसे गिरोह में सक्रिय होकर मरीजों के साथ ठगी कर रहे हैं. इसमें सदर अस्पताल के ओपीडी में भीड़-भाड़ के बीच लाइन में खड़े लोगों को दरकिनार कर खास मरीज को चिकित्सक के पास पहुंचा देने, बाहर से रक्त एवं अन्य जांच कराने के नाम पर मरीजों या उनके स्वजनों को ठगी करने जैसे मामले शामिल हैं. सोमवार को ऐसा ही मामला सामने आया, जब सदर अस्पताल में प्रशिक्षण के लिए आये मंजीत मेहता नामक बीएससी नर्सिंग के एक छात्र ने सर्पदंश पीड़ित गोविंद अहिरवार से सोडियम एवं पोटैशियम जांच के नाम पर 2000 रुपये ठग लिये. लेकिन मामला उजागर होने पर उसे लौटा भी दिया. खास बात यह रही कि लेनदेन मोबाइल फोन-पे नंबर से हुआ. मध्य प्रदेश के जिला छतरपुर के थाना भगवां के गांव ग्वारा के रहने 22 वर्षीय गोविंद अहिरवार, पिता हरजू राम की शादी गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत जतरो पतरिया गांव में जगन्नाथ राम की पुत्री नगीना देवी से हुई है. एक विवाह समारोह में शामिल होने ससुराल आए गोविंद को सोमवार की सुबह में कोबरा सांप ने डंस लिया. इसके बाद परिजन उसे सदर अस्पताल में लेकर पहुंचे थे. हालांकि चिकित्सक के अनुसार मरीज की हालत ठीक है. लेकिन उसे भर्ती कर ऑबजर्वेशन में रखा गया. अपराह्न करीब 2:40 बजे बीएससी नर्सिंग के छात्र मंजीत मेहता मरीज के पास जाकर उसके परिजनों को चिकित्सक द्वारा बतायी गयी जांच मेडाल लैब में शीघ्र ही कराने के लिए राशन कार्ड एवं आधार कार्ड मांगने लगा. जब मरीज के परिजनों ने कहा कि वे लोग बाहर के हैं, इनका राशन कार्ड नहीं है. तब मंजीत मेहता ने जांच में दो हजार रुपये खर्च बताते हुए कहा कि बाहर से जल्द जांच करा देंगे.

पैसे लिये, खुलासा होने पर लौटा दिया : तब मरीज के ससुर जगन्नाथ राम ने अपने पुत्र प्रदीप कुमार को फोन किया और मंजीत मेहता के कहे अनुसार उसके मोबाइल नंबर 91554-35079 पर 2500 रुपये भुगतान करा दिया. इसमें से 500 रुपये मंजीत ने जगन्नाथ राम को नकद लौटा दिये. इसके बाद मरीज का रक्त का नमूना लेकर जांच के लिए सदर अस्पताल के प्रथम तल पर अवस्थित सरकारी जांच घर में ले गया. इसे देखकर मरीज के परिजन को संदेह हुआ. उसने जांच केंद्र में मौजूद तकनीशियन से पैसे लिये जाने के बारे पूरी बात बता दी. तब खुद को फंसता हुआ देखकर मंजीत मेहता ने फोन-पे नंबर पर ही 2000 रुपये लौटा दिये.

सीएस बोले, जांच करायेंगे : इधर मरीज के परिजन जगन्नाथ राम ने बताया कि वह इस मामले को लेकर सिविल सर्जन एवं उपायुक्त से मिलकर शिकायत करेंगे. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि मरीज से पैसे ठगी किये जाने के मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी. इस तरह के अनैतिक कार्य में संलिप्त प्रशिक्षुओं पर नजर रखी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJAY

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