कुष्ठ रोग अभिशाप नहीं, उपचार योग्य बीमारी: सिविल सर्जन

कुष्ठ रोग अभिशाप नहीं, उपचार योग्य बीमारी: सिविल सर्जन
कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने को गोष्ठी का हुआ आयोजन प्रतिनिधि, गढ़वा कुष्ठ रोग के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार के माध्यम से जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया जाता है. मौके पर सिविल सर्जन डॉ जान एफ केनेडी व उपस्थित लाेगों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इसके बाद चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कुष्ठ रोग उन्मूलन की शपथ दिलायी गयी. गोष्ठी में सिविल सर्जन ने कुष्ठ उन्मूलन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए सदर अस्पताल गढ़वा के फिजियोथैरेपिस्ट अभिषेक सिंह को सम्मानित किया. फिजियोथैरेपिस्ट अभिषेक ने लगातार कुष्ठ रोगियों की फिजियोथैरेपी कर अब तक 12 रोगियों को दिव्यांगता से बचाया गया है. इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका के पैरामेडिकल वर्कर तरुण कुमार विश्वास को भी बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया. गोष्ठी में सिविल सर्जन ने कहा कि कुष्ठ रोग कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है. आवश्यकता केवल समय पर पहचान, नियमित उपचार और समाज के सहयोग की है. उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में आज भी कई लोग इलाज से वंचित रह जाते हैं, जिसे अभियान के माध्यम से दूर किया जायेगा. बताया गया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का संचालन जिले में 30 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक किया जायेगा. इसके बाद कुष्ठ रोगी खोज अभियान (चक्र–2) के तहत 9 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक जिले भर में घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान की जायेगी, ताकि उन्हें समय रहते इलाज से जोड़ा जा सके. अभियान के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा.
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