सदर अस्पताल में वृद्ध मरीज को छोड़ गये परिजन, मौत

सदर अस्पताल में वृद्ध मरीज को छोड़ गये परिजन, मौत
प्रभाष मिश्रा, गढ़वा
रिश्तों की संवेदनहीनता और अपनों की बेरुखी का एक दर्दनाक मामला सदर अस्पताल में सामने आया. गिरिडीह निवासी 66 वर्षीय वृद्ध साधुशरण मांझी, जिन्हें उनके परिजनों ने अस्पताल के बेड पर लावारिस छोड़ दिया था, सोमवार को उनकी मौत हो गयी. वृद्ध साधुशरण मांझी को लेकर को एक व्यक्ति 30 अप्रैल अस्पताल पहुंचा था. उसने बताया कि वृद्ध को काफी कमजोरी है. साधुशरण को भर्ती कराते समय उस व्यक्ति ने पर्ची पर पूरा पता नहीं लिखवाया और केवल गिरिडीह दर्ज कराया. स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, शुरू के एक दो दिन तक वह व्यक्ति अस्पताल आता रहा, लेकिन बाद में वह अचानक गायब हो गया और फिर वापस नहीं लौटा. इसके बाद वृद्ध की देखभाल पूरी तरह अस्पताल के नर्स और वार्ड बॉय करने लगे. पिछले 12 दिनों से साधुशरण मांझी अस्पताल में अकेले पड़े थे.
अपनों के आने की उम्मीद में अक्सर दरवाजे की ओर देखते थे साधुशरण
अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि वे अक्सर दरवाजे की ओर देखते रहते थे, जैसे उन्हें किसी अपने के आने की उम्मीद हो. लेकिन सोमवार को उनकी उम्मीद और सांसें दोनों खत्म हो गयीं. मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने गढ़वा थाना पुलिस को सूचना दे दी है. पुलिस अब परिजनों की तलाश कर रही है. शव को सुरक्षित रखा गया है ताकि परिवार तक सूचना पहुंच सके. 72 घंटों तक किया जायेगा परिजनों का इंतजार पुलिस ने बताया है कि अगले 72 घंटों तक परिजनों का इंतजार किया जायेगा. यदि कोई वारिस सामने नहीं आता है तो शव का अंतिम संस्कार लावारिस मानकर कर दिया जायेगा. यह घटना समाज में बुजुर्गों की स्थिति और उनके प्रति बढ़ती बेरुखी को उजागर करती है, जहां जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें अपनों के सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन कई बार वे अकेले ही रह जाते हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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