बाल विवाह अपराध, हो सकती है सजा: अनीता

बाल विवाह अपराध, हो सकती है सजा: अनीता
गढ़वा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में नालसा नयी दिल्ली और झालसा रांची के निर्देश पर 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता सह आउटरीच अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार मनोज प्रसाद और सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देश पर हुआ. इसकी अध्यक्षता विद्यालय की वार्डन पुष्पा कुमारी ने की. कार्यक्रम की शुरुआत पीएलवी रमाशंकर चौबे ने सर्वधर्म प्रार्थना से की. मुख्य अतिथि अनीता रंजन ने छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणाम और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक अपराध है और इसमें शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. दोषियों को दो वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान है. मातृ दिवस के अवसर पर उन्होंने छात्राओं को अपनी माता के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया. पीएलवी रमाशंकर चौबे ने नालसा की आशा स्कीम 2025 की जानकारी दी और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताया. कार्यक्रम में रीता कुमारी, राम इकबाल चौबे सहित कई शिक्षक मौजूद थे.
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