बीसीओ की वजह से गढ़वा के इन प्रखंडों में नही शुरू हो सकी लैंपस व पैक्सों में सदस्यता अभियान

Updated at : 15 Apr 2023 2:36 AM (IST)
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बीसीओ की वजह से गढ़वा के इन प्रखंडों में नही शुरू हो सकी लैंपस व पैक्सों में सदस्यता अभियान

जिला सहकारिता पदाधिकारी की ओर से 11 अप्रैल से कैंप का आयोजन कर सदस्यों के रूप में किसानों को जोड़ने का लक्ष्य दोगुना करने का निर्देश दिया गया है. इस काम के लिये बीसीओ को भी निर्देशित किया गया है.

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गढ़वा जिले के रमकंडा, भंडरिया व बड़गड़ प्रखंड में पदस्थापित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (बीसीओ) सुनील अग्रवाल पर पदस्थापित क्षेत्र से गायब रहने के आरोप हैं. इसके कारण उक्त क्षेत्रों में लैंपस व पैक्सों में सदस्यता अभियान की शुरुआत अभी तक नहीं हो पायी है. विदित हो कि सिद्धू- कान्हू की जयंती के अवसर पर 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से भोगनाडीह से लैंपस व पैक्सों में सदस्यों को जोड़ने का अभियान शुरू किया गया है.

लेकिन गढ़वा जिले में अभी तक सदस्यता अभियान की शरुआत नहीं की जा सकी है. उल्लेखनीय है कि जिला सहकारिता पदाधिकारी की ओर से 11 अप्रैल से कैंप का आयोजन कर सदस्यों के रूप में किसानों को जोड़ने का लक्ष्य दोगुना करने का निर्देश दिया गया है. इस काम के लिये बीसीओ को भी निर्देशित किया गया है. लेकिन रमकंडा, भंडरिया एवं बड़गड़ प्रखंडों में इस निर्देश का कोई असर नहीं है. इसका उदाहरण इसी बात से दिया जा सकता है कि पिछले तीन दिनों के अंदर इस अभियान की एक भी तस्वीर सहकारिता विभाग के पास उपलब्ध नहीं है.

इधर बीसीओ पर डीसीओ कार्यालय को सदस्यता अभियान शुरू होने की फर्जी रिपोर्ट भेज देने की शिकायत है. रिपोर्ट में बीसीओ ने पिछले दो दिनों के अंदर टेहरी के लैंपस केंद्र से सात नये सदस्यों को जोड़े जाने का उल्लेख किया है. लेकिन जब इस बारे में टेहरी लैंपस के अध्यक्ष संदीप तिर्की से बात की गयी, तो उन्होंने बताया कि उनके बाहर रहने के कारण अभी तक एक भी नये सदस्यों को नहीं जोड़ा जा सका है.

सदस्यों को जोड़ने से बचना चाहती है समिति

चर्चा है कि पैक्स और लैंपस केंद्रों की वर्तमान समिति नये सदस्यों को जोड़ने से बचना चाहती है. इसके पीछे का मूल कारण चुनाव प्रक्रिया में अपनी पकड़ को मजबूत बनाये रखना है. जानकारी के अनुसार इन समितियों का कार्यकाल पांच वर्ष के लिये होता है. पांच वर्ष पूरा होने पर निर्वाचन प्रणाली के तहत चुनाव होता है. इसके लिये समिति के सदस्य प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र भरते हैं.

उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाता है. वहीं मतपत्र पर वोटिंग के जरिये पैक्स या लैंपस के सदस्य समिति के विभिन्न पदों पर चुनाव जीतते हैं. ऐसे में वर्तमान समिति सदस्यों की संख्या कम रखकर चुनाव में अपनी भागीदारी को मजबूत करने का प्रयास करती है. ताकि सदस्यों की संख्या अधिक बढ़ने पर प्रत्याशियों की संख्या के अलावे प्रतिद्वंदिता न बढ़े.

आरोप गलत, कैम्प लगाकर होगी अभियान की शुरुआत

इस संबंध में पूछे जाने पर बीसीओ सुनील अग्रवाल ने कहा कि उनके क्षेत्र में नहीं जाने की शिकायत गलत है. वे क्षेत्र में जाते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्रों में सदस्यों को जोड़ने का काम हो रहा है. संभवतः सोमवार से विशेष रूप से कैंप लगाकर सदस्यता अभियान की शुरुआत की जायेगी. चूंकि कुछ पैक्स सुसुप्ता अवस्था में हैं. जो निर्देश को जल्दी नोटिस नहीं करते हैं.

कौन हैं बीसीओ, नहीं जानता : बीडीओ

इस संबंध में पूछे जाने पर भंडरिया व बड़गड़ बीडीओ विपिन कुमार भारती ने कहा कि भंडरिया और बड़गड़ का बीसीओ कौन है, उसके बारे में उन्हें आज तक जानकारी नहीं है. वे कभी इस क्षेत्र में आते ही नहीं है. बीडीओ ने कहा कि दर्जनों बार प्रखंड स्तरीय विभिन्न समीक्षत्मक बैठकों में बुलाने के लिए पत्र भी जारी किया गया. लेकिन वे कभी नहीं पहुंचे.

लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई होगी : उपायुक्त

गढ़वा उपायुक्त शेखर जमुआर ने कहा कि इस मामले को संज्ञान में लेकर डीसीओ और बीसीओ को निर्देशित किया जायेगा. ताकि कैम्प लगाकर सदस्यता अभियान की शुरुआत हो सके. ऐसा नहीं होने पर लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.

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