मृत पिता को जीवित करने के लिए बेटी करने लगी जप

Updated at : 21 May 2024 7:34 PM (IST)
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मृत पिता को जीवित करने के लिए बेटी करने लगी जप

मृत पिता को जीवित करने के लिए बेटी करने लगी जप

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चिनिया थाना क्षेत्र के गुरुसिंधु चौक निवासी शिवनाथ साव का पुत्र अनिरुद्ध प्रसाद साव (42 वर्ष) की मौत मंगलवार को सर्पदंश से हो गयी. अनिरुद्ध घर पर ही रहकर खेती-किसानी करता था. साथ ही प्राइवेट में ही बिजली मिस्त्री का काम कर रहा था. परिजनों ने बताया कि अनिरुद्ध प्रसाद साव सोमवार की रात शौच करने घर से बाहर निकला था. इसी दौरान किसी तरह एक सांप ने उसके पैर में डंस लिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने उसे गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती किया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया. इधर रास्ते में ही उसकी स्थिति बिगड़ गयी. तब परिजन उसे पलामू मेडिकल हॉस्पीटल, मेदिनीनगर ले गये. वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पर परिजन संतुष्ट नहीं हुए और अनिरुद्ध को तुमेगाड़ा अस्पताल ले गये. लेकिन वहां भी चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मानने को तैयार नहीं हो रहे थे परिजन : दो-दो अस्पताल में अनिरुद्ध को मृत घोषित करने के बाद भी परिजन मानने को तैयार नहीं थे.इसके बाद वे अंधविश्वास के चक्कर में पड़ गये. वह उसका शव झाड़-फूंक कराने के लिए ले गये. झाड़-फूंक के बाद भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होने पर परिजन शव लेकर गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचे. यहां चिकित्सकों ने फिर जांच कर परिजनों को समझाने का प्रयास किया.

मृतक की बेटी करने लगी जाप : लेकिन मृतक की पुत्री आरती देवी अंधविश्वास में पड़कर सदर अस्पताल में ही घंटो तक ओम बागेश्वराय नमः का जाप करती रही. उसे विश्वास था कि वह अपने पिता को बागेश्वर धाम के मंत्र से जीवित कर लेगी. इसकी खबर सुनकर गढ़वा सदर अस्पताल में काफी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गयी. अस्पताल में घंटों मजमा लगा रहा. इसकी जानकारी पुलिस को दी गयी. पुलिस ने गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचकर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए ले जाने का प्रयास किया, लेकिन आरती देवी अंत्यपरीक्षण करने से मना कर रही थी. वह अपनी जिद पर अड़ी थी. इस कारण सदर अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी.

हनुमानजी के धाम पर मिलेगा जीवन : मृतक की बेटी आरती का कहना था कि वह अपने घर ले जाकर पिता के शव को हनुमानजी के धाम पर रखेगी, तो उसके पिता जीवित हो जायेंगे. काफी मशक्कत के बाद आरती को समझाकर पुलिस ने उसके पिता के शव का अंत्यपरीक्षण कराया. अंत्यपरीक्षण के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

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