वार्ड में चार दिन से सड़ रहा शव, भाग रहे मरीज

Published at :30 Sep 2016 7:29 AM (IST)
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वार्ड में चार दिन से सड़ रहा शव, भाग रहे मरीज

हाल सदर अस्पताल का रविवार की शाम अज्ञात मरीज को कराया गया था भरती सोमवार को मौत होने के बाद से अभी तक नहीं हटाया गया बेड से गढ़वा : गढ़वा सदर अस्पताल में पिछले तीन दिन से एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है़ सदर अस्पताल के मेडिकल वार्ड में इस शव के तीन […]

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हाल सदर अस्पताल का
रविवार की शाम अज्ञात मरीज को कराया गया था भरती
सोमवार को मौत होने के बाद से अभी तक नहीं हटाया गया बेड से
गढ़वा : गढ़वा सदर अस्पताल में पिछले तीन दिन से एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है़ सदर अस्पताल के मेडिकल वार्ड में इस शव के तीन दिन तक नहीं उठाये जाने के कारण शव से दो दिन पहले से ही दुर्गंध आना शुरू हो गया है़ दुर्गंध की वजह से उस वार्ड के सभी मरीजों को वार्ड छोड़ कर भागने को विवश होना पड़ा है़ विदित हो कि उक्त वार्ड में 10 बेड हैं. उसी में से एक बेड पर यह शव पड़ा हुआ है़ न तो शव को हटाया गया और न ही इस शव की अभी तक किसी ने पहचान की है़
लेकिन अभी तक न तो उस शव की पहचान हो पायी है और न ही शव को लेने कोई व्यक्ति आया है़ इधर अस्पातल प्रबंधन व पुलिस प्रशासन के बीच नियम-कानून को लेकर जीच बना हुआ है़, जिसके कारण लाश यथावत तीसरे दिन भी सदर अस्पातल के बेड पर पड़ा हुआ है़
रविवार को भरती किया गया था: सदर अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक रविवार की शाम एक बीमार व्यक्ति (उम्र करीब 60 ) सिविल सर्जन कार्यालय के पास पड़ा हुआ था़ उसे बीमार देख कर अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे अस्पताल में भरती करा दिया़ अस्पताल के मेडिकल वार्ड में इलाज के दौरान ही सोमवार की रात में उसकी मौत हो गयी़ तब से वह अपने बिस्तर पर यथावत पड़ा हुआ है़ न तो कोई उक्त व्यक्ति को लेने आया और न ही अस्पताल प्रबंधन ने इसे वार्ड से निकाल कर अलग रखा.
थाना प्रभारी को सूचना दे दी गयी है : अस्पताल उपाधीक्षक : सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ जेपी सिंह ने इस संबंध में कहा कि अस्पताल के बेड पर शव पड़े होने की लिखित व मोबाइल से सूचना गढ़वा थाना प्रभारी को दे दी गयी है़ थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि वे आकर शव को ले जायेंगे़ लेकिन अभी तक शव नहीं हटाया गया़ वे सिविल सर्जन से बात कर शव को हटाने की पहल करेंगे़
72 घंटे रखना पड़ता है शव : थाना प्रभारी : गढ़वा थाना प्रभारी निरंजन कुमार ने कहा कि ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रबंधन को बेड से उठा कर शव को अलग रख देना चाहिए था़, ताकि अस्पताल के मरीजों को कोई दिक्कत न हो़ पुलिस को शव को कुछ करने से पूर्व 72 घंटे इंतजार करना होता है़ अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति लेकर ही उसका अंतिम संस्कार कराया जा सकता है़ गुरुवार की शाम में उन्हें एसडीअो से अनुमति मिल चुकी है़ शुक्रवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया जायेगा़
पोस्टमार्टम हाउस में क्यों नहीं रखा शव?
सदर अस्पताल में ही पोस्टमार्टम हाउस है. बावजूद इसके शव को वार्ड में ही छोड़ दिया गया है. मरीज की मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखना चाहिए था, ताकि अन्य मरीजों को परेशानी नहीं हो. जबकि अस्पताल प्रबंधन व पुलिस एक दूसरे पर मामला थोप अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं.
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