योजनाओं की जांच के लिए कमेटी गठित

Published at :06 Apr 2016 6:56 PM (IST)
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योजनाओं की जांच के लिए कमेटी गठित

योजनाओं की जांच के लिए कमेटी गठितजिप परिषद बोर्ड की बैठक6जीडबलूपीएच 18-बैठक में मंचासीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक व डीडीसी6जीडबलूपीएच20-उपस्थित जिप सदस्य व अन्य गढ़वा. जिला परिषद बोर्ड की बैठक अध्यक्ष विकास कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई. बैठक में बीडीओ द्वारा मनरेगा के लिए चयनित योजनाओं में राशि उगाही करने एवं गलत योजना का […]

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योजनाओं की जांच के लिए कमेटी गठितजिप परिषद बोर्ड की बैठक6जीडबलूपीएच 18-बैठक में मंचासीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक व डीडीसी6जीडबलूपीएच20-उपस्थित जिप सदस्य व अन्य गढ़वा. जिला परिषद बोर्ड की बैठक अध्यक्ष विकास कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई. बैठक में बीडीओ द्वारा मनरेगा के लिए चयनित योजनाओं में राशि उगाही करने एवं गलत योजना का चयन करने का मामला उठाया गया. इसकी जांच के लिए बोर्ड की बैठक में एक कमेटी गठित की गयी, इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संबंधित प्रखंड के जिप सदस्य, सांसद व विधायक प्रतिनिधि तथा जिले के वरीय पदाधिकारी को रखा गया है. यह टीम योजनाओं का भौतिक सत्यापन करेगी तथा योजना का गलत तरीके से चयन होने की बात सामने आने पर बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव लायेगी. बैठक में इस बात पर भी नाराजगी जतायी गयी कि जिला परिषद बोर्ड के अंदर जितने भी विभाग आते हैं, वे मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं. निर्णय लिया गया कि बिना अध्यक्ष की सहमति के एक भी संचिका नहीं बढ़ाया जायेगा. जिला परिषद द्वारा नवनिर्मित दुकानों के वितरण के लिए पारदर्शी तरीका अपनाने का निर्णय लेते हुए इसके लिये जल्द ही विज्ञापन प्रकाशित कराने का निर्णय लिया गया. मेराल बीडीओ पर 25-25 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप मेराल प्रखंड के प्रखंड प्रमुख विकास सिंह कुशवाहा ने मेराल बीडीओ पर आरोप लगाया कि वे 25-25 हजार रुपये रिश्वत लेकर कूप योजना की स्वीकृति दे रहे हैं. उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की. 13वें वित्त के शेष बचे 66 लाख रुपये की राशि से चापाकल लगाने का निर्णय लिया गया. जिला परिषद के डाकबंगला में सीआरपीएफ का लंबे समय से कब्जा होने एवं 45 लाख रुपये बकाया होने के बाद भी इसका भुगतान नहीं करने को लेकर गृहविभाग को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया. जिला परिषद का कार्यालय बनेगाजिला परिषद बोर्ड की बैठक में जिला परिषद का अपना कार्यालय बनाने का निर्णय लिया गया. यह कार्यालय 3.50 करोड़ रुपये की लागत से समाहरणालय के पीछे की भूमि पर बनाया जायेगा. डीआरडीए का विलय जिला परिषद में करने के बाद संबंधित पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष की पहली बैठक 20 अप्रैल को करने का निर्णय लिया गया. इस मौके पर उप विकास आयुक्त जगत नारायण प्रसाद, विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, उपाध्यक्ष रेखा चौबे सहित विभिन्न विभाग के पदाधिकारी, जिप सदस्य, प्रमुख आदि उपस्थित थे.

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