पसंद नहीं है, तो छोड़ दीजिये

– जितेंद्र सिंह – – जजर्र आवास की शिकायत पर अधिकारी कहते हैं – हाल पीएचइडी कॉलोनी का – कॉलोनी में बने 20 – आवास जजर्र हैं – 1988 के बाद नहीं हुई मरम्मत – आवास का रेंट देते हैं, लेकिन खुद करानी पड़ती है मरम्मत गढ़वा : जिला मुख्यालय स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग […]
– जितेंद्र सिंह –
– जजर्र आवास की शिकायत पर अधिकारी कहते हैं
– हाल पीएचइडी कॉलोनी का
– कॉलोनी में बने 20
– आवास जजर्र हैं
– 1988 के बाद नहीं हुई मरम्मत
– आवास का रेंट देते हैं, लेकिन खुद करानी पड़ती है मरम्मत
गढ़वा : जिला मुख्यालय स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मियों के लिए शहर के सहिजना स्थित दानरो नदी के तट पर बनायी गयी कॉलोनी के जजर्र आवासों में 20 कर्मियों के परिजन रहने को विवश हैं. विभाग उनके खाते से हर माह रूम रेंट व बिजली, पानी के लिए एक निश्चित रकम काट लेता है.
वहां रहनेवाले लोग दहशत में दिन व्यतीत करते हैं. कॉलोनी के आवास काफी पुराने व जजर्र हो चुके हैं. खिड़की दरवाजे कर्मियों ने खुद लगवाये. शौचालय खराब रहने से पास की नदी ही सहारा है. बिजली बिल भी वे खुद भरते हैं.
कॉलोनी की चहारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा को लेकर वे चिंतित रहते हैं. बताया गया कि वर्ष 1988 के बाद इन आवासों की मरम्मत नहीं हुई है. यहां रह रहे कर्मी गुलाबचंद पंडित, फूली देवी, गौतम पाठक, भैरोनंद चौधरी, कृष्णचंद्र झा, सूर्यनारायण चौधरी, बालमुकुंद मेहता, लव कुमार सिंह, अजय सिंह, ललन पांडेय आदि ने बताया कि जब वे अधिकारियों से अपनी समस्याएं कहते हैं, तो उन्हें कहा जाता है कि आवास छोड़ दीजिए.
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