गढ़वा में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी पूरी तरह डिजिटल, सरकारी और  निजी अस्पताल होंगे पेपरलेस

Author :Priya Gupta
Published by :Priya Gupta
Updated at :13 May 2026 10:18 AM
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Garhwa News

सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में समीक्षा बैठक

Garhwa News: गढ़वा में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी तेज हो गई है. अब सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होंगी और मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड ‘आभा’ ऐप में सुरक्षित रहेगा.

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गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट 

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है. आने वाले समय में जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पताल पूरी तरह पेपरलेस व्यवस्था से संचालित होंगे. मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच, दवा, इलाज और डिस्चार्ज तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी. इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में समीक्षा बैठक की गई. 

‘आभा’ ऐप में सुरक्षित रहेगा मेडिकल रिकॉर्ड 

सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ. केनेडी ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में तैयारियां तेज हैं. डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को भारी-भरकम फाइल या कागजी दस्तावेज ढोने की जरूरत नहीं होगी. मरीज का पूरा मेडिकल डेटा ‘आभा’  ऐप और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगा. 

डॉक्टरों को इलाज में मिलेगी आसानी

जब मरीज दोबारा इलाज के लिए किसी भी अस्पताल जाएगा, तो डॉक्टर उसकी पुरानी बीमारी, पिछली जांच रिपोर्ट और दी गई दवाओं की जानकारी पोर्टल पर तुरंत देख सकेंगे. इससे इलाज में सटीकता आएगी और समय की बचत होगी. 

13.5 लाख लोगों को आभा आईडी से जोड़ने का लक्ष्य

जिले में कुल 13.5 लाख लोगों को आभा आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक करीब 5.5 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है. लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सिविल सर्जन ने सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर उन्हें मरीजों का आभा रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.साथ ही, सभी मेडिकल संस्थानों को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री  से जोड़ा जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी हो सके.

प्रशिक्षण की कमी बनी चुनौती 

समीक्षा बैठक में डिजिटल मिशन लागू करने में आ रही कुछ दिक्कतों पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने कहा कि नई व्यवस्था को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देना जरूरी है. बैठक में यह भी सामने आया कि कई जरूरतमंद लोग राशन कार्ड नहीं होने के कारण आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं, जिससे वे स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं. डिजिटल मिशन की प्रगति की जांच के लिए सरकार की दो सदस्यीय टीम गढ़वा पहुंची थी. इस दौरान संयुक्त निदेशक मोनिका राणा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के कंसल्टेंट अफजल अंसारी, डीपीएम गौरव कुमार समेत कई स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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प्रिया गुप्ता डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हैं. वह पिछले एक साल से कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. इससे पहले वह नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में काम कर चुकी हैं. अभी वह झारखंड की खबरों पर काम करती हैं और SEO के अनुसार कंटेंट लिखती हैं. प्रिया आसान और साफ भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखती हैं. वह ट्रेंडिंग खबरों, झारखंड से जुड़े मुद्दों और लोगों से जुड़ी खबरों पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सही और भरोसेमंद जानकारी सरल शब्दों में मिले.

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