कोल इंडिया में खत्म होगी यूनियनों की ‘दावा राजनीति’, अब सीक्रेट बैलेट से मिलेगी मान्यता

Published by : Priya Gupta Updated At : 13 May 2026 1:23 PM

विज्ञापन

Dhanbad News

Dhanbad News: कोल इंडिया में ट्रेड यूनियनों की राजनीति अब कर्मचारियों के वोट से तय होगी. आइआर कोड 2020 लागू होने की तैयारी के बीच सीक्रेट बैलेट व्यवस्था से यूनियनों की मान्यता मिलेगी. इससे दावा राजनीति खत्म होगी और महिला प्रतिनिधित्व समेत लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत होने की उम्मीद है.

विज्ञापन

धनबाद से धर्मेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट

Dhanbad News: कोल इंडिया में ट्रेड यूनियनों की मान्यता और प्रतिनिधित्व का पूरा ढांचा बदलने जा रहा है. 8 मई को औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के केंद्रीय नियमों की आधिकारिक अधिसूचना के बाद कंपनी और यूनियन हलकों में हलचल तेज हो गई है. कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने आइआर कोड लागू करने की ठोस सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. यदि सिफारिशें लागू होती हैं, तो वर्षों से चली आ रही “हम सबसे बड़ी यूनियन” वाली दावा राजनीति पर विराम लग जाएगा और यूनियनों की ताकत सीधे कर्मचारियों के वोट से तय होगी.

मान्यता का नया फॉर्मूला : चेक-ऑफ नहीं, अब वोट से ताकत

  • 51% या अधिक वोट पाने वाली यूनियन बनेगी एकमात्र वार्ताकार यूनियन
  • 51% नही होने पर 20% वोट पाने वाली यूनियनों की वार्ताकार परिषद बनेगी
  • 20% से कम वोट पाने वाली यूनियनों की पांच वर्षों तक मान्यता नहीं
  • केवल कट-ऑफ डेट तक मतदाता सूची में दर्ज कर्मचारी ही वोट करेंगे
  • पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सत्यापन अधिकारी की निगरानी में होगी
  • चुनाव से मिली मान्यता पांच वर्षों तक वैध रहेगी

कोल इंडिया स्तर पर प्रतिनिधित्व की नई शर्त 

कंपनी स्तर के मंचों पर प्रतिनिधित्व के लिए किसी यूनियन को कम-से-कम पांच अनुषंगी कंपनियों में 20 प्रतिशत वोट हासिल करना अनिवार्य होगा. तभी उन्हें वार्ताकारी परिषद में जगह मिलेगी.

90 दिनों का चुनाव कैलेंडर (ड्राफ्ट का खाका)

  • पहला दिन : कट-ऑफ डेट, मतदाता निर्धारण
  • दिन 0-03 : यूनियनों के आवेदन
  • दिन 03-14 : दस्तावेजों की स्क्रूटनी
  • दिन 15-18 : प्री-बैलेट मीटिंग, चुनाव चिह्न आवंटन
  • दिन 20 : मतदाता सूची प्रकाशन
  • दिन 71-75 : सीक्रेट बैलेट वोटिंग
  • दिन 76-80 : मतगणना, परिणाम
  • दिन 82-89 : प्रोजेक्ट/एरिया/सब्सिडियरी/सीआइएल स्तर पर मान्यता आदेश

चार-स्तरीय वार्ता प्रणाली लागू होगी

  • कोल इंडिया मुख्यालय स्तर पर : वेतन समझौता, कैडर-ग्रेड, स्टैंडिंग ऑर्डर, ट्रांसफर पॉलिसी
  • सब्सिडियरी स्तर : कंपनी-विशिष्ट मुद्दे
  • एरिया स्तर : क्षेत्रीय/संचालन संबंधी समस्याएं
  • प्रोजेक्ट/यूनिट स्तर : स्थानीय कार्यस्थल के मुद्दे

इसके अलावा, वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण कमेटी का गठन अनिवार्य होगा, जिनमें महिलाओं को अनुपातिक प्रतिनिधित्व देना होगा. इन समितियों में सदस्य केवल मान्यता प्राप्त वार्ताकार यूनियन/परिषद से नामित होंगे.

क्या बदलेगा यूनियन राजनीति में? 

  • सबसे बड़ी यूनियन का दावा नहीं, वोट से वैधता
  • पांच साल की स्थिर मान्यता
  • नेगोशिएशन का स्पष्ट दायरा
  • जमीनी स्तर से मुख्यालय तक लोकतांत्रिक संरचना मजबूत होगी

नियम लागू होने की टाइमलाइन 

21 नवंबर 2025 से आइआर कोड प्रभावी है. केंद्रीय नियमों का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ. सलाह और सुझाव 28 फरवरी 2026 तक लिए गए. 1 अप्रैल 2026 से यह लागू होना प्रस्तावित था, लेकिन पांच राज्यों के चुनाव के कारण इसमें देरी हुई. 8 मई 2026 को अधिसूचना जारी होने के बाद अब निगाहें इस पर हैं कि कोल इंडिया में इसे कब से लागू किया जा रहा है. प्रबंधन और यूनियनों के बीच जल्द रणनीतिक बैठक की बात कही जा रही है.

महिलाओं का प्रतिनिधित्व : अब अनिवार्य प्रावधान

1मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया में 19,135 महिला कर्मी काम करती हैं. अब तक यूनियनों में उनका प्रतिनिधित्व औपचारिक समितियों तक सीमित रहा है, पर आइआर कोड के तहत वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समिति में अनुपातिक भागीदारी अनिवार्य होगी.

इसे भी पढ़ें: रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास पर हाईकोर्ट सख्त, दिए निर्देश

इसे भी पढ़ें: गुमला के कामडारा अस्पताल से गायब थीं डॉक्टर, इलाज के अभाव में एंबुलेंस चालक की मौत

विज्ञापन
Priya Gupta

लेखक के बारे में

By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola