चोरों ने रेलवे के लाखों के माल पर हाथ किया साफ, आरपीएफ ने सामान किया बरामद

आरपीएफ की गिरफ्त में चोर. फोटो: प्रभात खबर
Ramgarh News: रामगढ़ के पतरातू में हेंदेगिर-कोले स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक सेंसर चोरी मामले का आरपीएफ ने खुलासा किया. लाखों की रेल संपत्ति बरामद हुई है. एक आरोपी गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में हेंदेगिर-कोले रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक सेंसर और क्लैंप एसेम्बली चोरी मामले का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुलासा कर दिया है. इस कार्रवाई में लाखों रुपये की चोरी गई रेल संपत्ति बरामद की गई है. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस चोरी की घटना से रेलवे को करीब 1 लाख 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ था. साथ ही रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ था, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई थी.
10-11 अप्रैल की रात हुई थी चोरी
जानकारी के अनुसार 10 और 11 अप्रैल की रात हेंदेगिर-कोले रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या 137/06 से 138/07 के मध्य अज्ञात चोरों ने रेलवे ट्रैक से 11 ट्रैक सेंसर एवं क्लैंप एसेम्बली चोरी कर ली थी. ये सेंसर रेलवे ट्रैक की निगरानी और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. घटना सामने आने के बाद संबंधित विभाग की शिकायत पर आरपीएफ पोस्ट पतरातू में कांड संख्या 04/2026 दर्ज किया गया था. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल ने जांच तेज कर दी थी.
वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुई जांच
मामले की जांच वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त धनबाद के निर्देश पर शुरू की गई. सहायक सुरक्षा आयुक्त बरकाकाना के मार्गदर्शन में जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह को सौंपी गई. जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डंप डाटा के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया. लगातार निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पहली बड़ी सफलता हासिल की.
पहला आरोपी रिंच और कटर के साथ गिरफ्तार
आरपीएफ ने 6 मई को राजेंद्र कुमार महतो (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया. वह हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़की मेडी का रहने वाला है. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से सेंसर खोलने में प्रयुक्त रिंच और कटर भी बरामद किया गया. पूछताछ के बाद आरोपी को रेलवे न्यायालय डाल्टनगंज में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया. रिमांड के दौरान आरोपी ने चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए.
चोरी का सामान ढोने वाली बाइक भी जब्त
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर आरपीएफ ने चोरी की रेल संपत्ति ढोने में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली. बाइक का नंबर JH 02R 8272 बताया गया है. जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी बाइक के जरिए चोरी किए गए ट्रैक सेंसर और अन्य उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया गया था. बाइक जब्त होने के बाद मामले में कई और अहम सुराग हाथ लगे हैं.
दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी
मामले की आगे की जांच के दौरान 12 मई को आरपीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि दूसरा आरोपी गुड्डू मलिक, ग्राम इचापीरी थाना बुढ़मू, चोरी का सामान छिपाए हुए स्थान से निकालने वाला है. सूचना मिलते ही आरपीएफ, सीआईबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इचापीरी गांव में छापेमारी की. हालांकि पुलिस को देखकर आरोपी जंगल और पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर फरार हो गया. पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
भारी मात्रा में चोरी की रेल संपत्ति बरामद
हालांकि छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में चोरी की रेल संपत्ति बरामद करने में सफलता हासिल की. बरामद सामान में 8 ट्रैक सेंसर, एक टूटा हुआ सेंसर, एक पूरा ट्रैक सेंसर सेट, दो सेट डिफलेक्टर, पांच सेट सेंसर असेंबली, नट-बोल्ट, पेंड्रोल क्लिप तथा करीब 30 फीट केबल शामिल हैं. आरपीएफ ने सभी सामान को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर जब्त किया. बरामद सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है.
इसे भी पढ़ें: नींद में पति का सिर कलम कर देना चाहती थी पत्नी, चाकू से कर दिया वार
रेल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक सेंसर और क्लैंप एसेम्बली जैसे उपकरण रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं. इनके चोरी होने से रेल परिचालन प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है. आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपी गुड्डू मलिक की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी तथा शेष बचे ट्रैक सेंसर की बरामदगी के लिए अभियान जारी रहेगा.
इसे भी पढ़ें: गुमला से लापता बच्ची के मामले में हाइकोर्ट सख्त, सात साल से नहीं मिला है कोई सुराग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










