समस्याआंे के मकड़ जाल में हैं रमनावासी

Published at :18 Nov 2014 4:02 PM (IST)
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समस्याआंे के मकड़ जाल में हैं रमनावासी

रमना(गढ़वा). झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी रमना प्रखंडवासी समस्याओं के मकरजाल मंे फंसे हुए हैं. करीब तीन करोड़ आबादीवाले इस प्रखंड में में बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार की समस्याएं जैसी झारखंड बनने के पूर्व थी, आज भी उसी तरह बरकरार है. जबकि राज्य बनने के बाद यहां दो बार विधानसभा चुनाव हो […]

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रमना(गढ़वा). झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी रमना प्रखंडवासी समस्याओं के मकरजाल मंे फंसे हुए हैं. करीब तीन करोड़ आबादीवाले इस प्रखंड में में बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार की समस्याएं जैसी झारखंड बनने के पूर्व थी, आज भी उसी तरह बरकरार है. जबकि राज्य बनने के बाद यहां दो बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. विदित हो कि इस बीच इस क्षेत्र के दो-दो कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. लेकिन इसके बावजूद प्रखंड की बुनियादी सुविधाएं ग्रामीणों को नहीं मिल पायी. चाहे शिक्षा की बात हो अथवा रोजगार की. यहां के लोगों को आज भी मैट्रिक के बाद आगे की पढ़ाई के लिए तथा रोजगार के लिए बाहर जाना मजबूरी बनी हुई है. इसके कारण प्रखंडवासियों को धीरे-धीरे सभी दलों से आस टूट चुका है.

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