फटे चक्के पर 15 किमी दौड़ी एंबुलेंस, खाली था ऑक्सीजन सिलेंडर, तड़पते मरीज की मौत

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ऑक्सीजन के बिना एंबुलेंस में मरीज की मौत, व्यवस्था पर सवाल

पटमदा के जोड़सा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे एक मरीज की एंबुलेंस में ही मौत हो गई. एंबुलेंस के फटे टायर ने इस दर्दनाक घटना को और गंभीर बना दिया.

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पटमदा के जोड़सा गांव निवासी संतोष कुंभकार के अचानक बीमार पड़ने पर अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस बुलाया गया. एंबुलेंस में सिलेंडर तो थे पर उसमें ऑक्सीजन नहीं थे. जबकि बीमार संतोष व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी हो रही थी. बिना ऑक्सीजन के ही किसी तरह एंबुलेंस से अस्पताल लाया जा रहा था कि गांव का जर्जर सड़क होने के कारण रस्ते में ही एंबुलेंस का चक्का ब्लास्ट हो गया और रास्ते में ही उस व्यक्ति की मौत हो गई. पटमदा के जोड़सा गांव निवासी संतोष कुंभकार 65 वर्ष की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोपहर करीब 2 बजे 108 एंबुलेंस से माचा सीएचसी अस्पताल ले जाया जा रहा था. परिजनों का कहना है कि मरीज का सांस फुल रहा था और उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता थी, लेकिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थे. इसी दौरान बीच रास्ते में एंबुलेंस का चक्का फट गया. मरीज की स्थिति देख चालक द्वारा वाहन को उसी अवस्था में 15 किलो मीटर अस्पताल तक पहुंचाया गया. इस बीच मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है. उनका आरोप है कि यदि एंबुलेंस में ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था होती और वाहन तकनीकी रूप से फिट होता, तो संभवतः मरीज की जान बचाई जा सकती थी. यह घटना 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली, वाहनों के रखरखाव और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. अस्पताल में रोते बिलखते परिजन पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई व स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरके सिंह ने कहा कि 108 एंबुलेंस का संचालन रांची स्थित मुख्यालय से ही होता है और दो दिन पहले ही मरम्मत के बाद पटमदा सीएचसी को एंबुलेंस. भेजी गई थी. उन्होंने कहा कि इसमें सुधार की आवश्यकता है.

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Dilip Chandra Poddar

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