'कई अधिकारी न समय पर पत्रों का जवाब देते हैं, ना ही फोन उठाते हैं', वित्त मंत्री ने अपर मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी

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वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर. फाइल फोटो

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर. फाइल फोटो

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के कुछ अधिकारियों के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जन प्रतिनिधियों के पत्रों का समय पर जवाब न देने और फोन न उठाने की समस्या पर चिंता व्यक्त की है.

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रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के कुछ अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जतायी है. उन्होंने कहा है कि कई अधिकारी जन प्रतिनिधियों द्वारा लिखे गये पत्रों का समय पर जवाब भी नहीं देते हैं. फोन भी नहीं उठाते हैं. स्विच ऑफ मोड में डाल देते हैं. ऐसे कुछ अधिकारी अहंकार से भरे हुए हैं. श्री किशोर ने इससे संबंधित पत्र मंत्रिमंडल एवं समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव व विधानसभा अध्यक्ष को लिखा है.

जनप्रतिनिधियों के पत्र का जवाब नहीं

लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2021 में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा सभी विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों को सांसदों, विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समयबद्ध उत्तर देने और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समय पर जवाब नहीं दिया जाता, फोन कॉल नहीं उठाए जाते या मोबाइल फोन स्विच ऑफ मोड में रखे जाते हैं.

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लोकतांत्रिक व्यवस्था को दुरुस्त रखना चाहती है सरकार

राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे में अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित संकेत नहीं है. उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शिष्टाचार एवं जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए. उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा होती रही तो विधायिका और कार्यपालिका के बीच दूरी बढ़ेगी, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह होगा.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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