East Singhbhum News : आंधी में ट्रांसफॉर्मर गिरा, 10 दिनों से तीन गांवों में बिजली नहीं, नदी का पानी पी रही 600 की आबादी

Published by : AVINASH JHA Updated At : 27 Mar 2025 12:07 AM

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बिजली विभाग लापरवाह, गुहार लगाकर थक गये हैं ग्रामीण, दिगड़ी, शांखोडीह, बड़ापहाड़ में 10 दिनों से बिजली नहीं, जलापूर्ति ठप, आंधी से ट्रांसफॉर्मर, खंभे और तार गिरे, अब तक नहीं हुआ दुरुस्त

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मो.परवेज/ प्रकाश दास, गालूडीह. घाटशिला प्रखंड की उलदा पंचायत स्थित दिगड़ी, बड़ापहाड़ और शांखोडीह गांव में बीते 10 दिनों से बिजली व जलापूर्ति ठप है. आंधी में गांव का ट्रांसफॉर्मर जमीन पर गिर गया. वहीं, बिजली के खंभे टूटे हैं. तार बिखरे पड़े हैं. ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी विभाग को फुर्सत नहीं है. बिजली नहीं रहने से घरों की बोरिंग बेकार हैं. तीनों गांवों की 600 से अधिक आबादी सुवर्णरेखा नदी से पानी लाकर प्यास बुझा रही है. पानी के लिए भोर में महिलाएं उठ जाती हैं. गगरी, डेकची, बाल्टी लेकर सुवर्णरेखा नदी जाती हैं. रेत में खाल (चुआं) खोदकर कटोरा से पीने का पानी निकालती हैं. नदी का पानी पीने से बीमार होने का खतरा है.

बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित

बिजली नहीं रहने से शाम ढलते ही गांव में अंधेरा छा जाता है. इससे स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई बुरी तरह से प्रभावित हो गयी है. अंधेरे में सांप-बिच्छू का डर अलग से रहता है. दिगड़ी गांव में अधिकतर मछुआरे परिवार के लोग हैं. सभी गरीब तबके हैं.

ग्रामीण बोले- दो दिनों में बिजली नहीं आयी, तो करेंगे प्रदर्शन

ग्रामीणों ने कहा कि बिजली विभाग से गुहार लगाकर थक गये हैं. दो दिनों में बिजली नहीं आयी, तो बिजली विभाग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन को बाध्य होंगे. गर्मी में पंखे नहीं चल रहे हैं. मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो गया है. रात में किसी की नींद पूरी नहीं हो पा रही है. कई बुजुर्ग बीमार हो चुके हैं. महिला-बच्चों की स्थिति खराब हो गयी है.

ग्रामीणों ने बयां किया अपना दर्द

बिजली विभाग को लिखित व मौखिक कई बार जानकारी दी है. अब तक ट्रांसफॉर्मर मरम्मत नहीं हुई. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बाधित हो रही है. सबसे ज्यादा परेशानी पानी की है.

– मंजू मांझी, ग्रामीण——————————

बिजली अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन 10 दिन बाद भी ट्रांसफॉर्मर ठीक नहीं हो पाया है. गांव में पीने का पानी की किल्लत है. बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है.

– राजेन कैवर्त, ग्रामीण——————————-गांव में पानी की समस्या है. बिजली नहीं आने से सबमर्सिबल नहीं चल पा रहा है. पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है. ग्रामीण सुवर्णरेखा नदी से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं.

– भगल टुडू, ग्रामीण—————————————ट्रांसफॉर्मर खराब होने से उपकरण शो पीस बन गये हैं. सूचना देने के बावजूद बिजली विभाग का बिल्कुल ध्यान नहीं है. ग्रामीण अंधेरे रहने के लिए मजबूर हैं.

– अनेश्वर सिंह, ग्रामीण———————————-हमारी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. बच्चे ढिबरी की रोशनी पढ़ाई कर रहे हैं. अंधेरे से सामना करना पड़ रहा है. गांव में पानी के लिए ग्रामीण भटक रहे हैं.

– दीपू दत्ता, ग्रामीण——————————-ट्रांसफॉर्मर खराब होने से गांव में 10 दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है. चोरी की घटना बढ़ गयी है. छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. मोबाइल चार्ज करने दूसरे गांव जाना पड़ता है.

– लक्ष्मी चरण मुर्मू, ग्रामीण—————————————ग्रामीण गर्मी से परेशान हैं. ट्रांसफॉर्मर नहीं बदला जा रहा है. ग्रामीण आक्रोशित हैं. गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब पड़ा है. विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गयी है.

– नीरज चंद, ग्रामीण——————————–गांव में 10 दिनों से अंधेरा है. बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं. चोरी के डर से रात भर पशुओं की रखवाली करनी पड़ती है. पीने का पानी की समस्या बनी हुई है.

– इंद्रजीत घोष, ग्रामीण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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