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करोड़ों खर्च, फिर भी अधूरा अस्पताल! जमशेदपुर के MGM में न ऑक्सीजन प्लांट, न ही शीतगृह

Updated at : 08 Nov 2025 9:59 PM (IST)
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MGM Hospital Jamshedpur

जमशेदपुर का नया एमजीएम मेडिकल कॉलेज, Pic Credit- Prabhat Khabar

MGM Hospital Jamshedpur: जमशेदपुर के डिमना रोड स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 550 बेड का नया अस्पताल तैयार होने के बावजूद ऑक्सीजन प्लांट और शीतगृह चालू नहीं हो सका है. करोड़ों की लागत से बने अस्पताल में मरीजों को अभी भी मैनुअल ऑक्सीजन सिलेंडर और पुराने भवन के शीतगृह पर निर्भर रहना पड़ रहा है. प्रशासन ने जल्द सुविधाएं शुरू करने का निर्देश दिया है.

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MGM Hospital Jamshedpur, जमशेदपुर: डिमना रोड स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से 550 बेड का नया अस्पताल तो तैयार हो गया, लेकिन अब तक यहां कई जरूरी सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी हैं. उपायुक्त के लगातार दिशा-निर्देश के बावजूद ऑक्सीजन प्लांट और शीतगृह के अभाव में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.

ऑक्सीजन प्लांट नहीं, मैनुअल सिलेंडर से चल रहा काम

नये अस्पताल भवन में अब तक ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं हो पाया है. मरीजों को फिलहाल मैनुअल सिलेंडर के जरिये ही ऑक्सीजन दी जा रही है. इससे आपातकालीन स्थितियों में कठिनाई बढ़ जाती है. एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि साकची स्थित पुराने अस्पताल से ऑक्सीजन प्लांट को डिमना रोड वाले नये भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए करीब 17 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है. टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और एजेंसी को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

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एक महीने के भीतर चालू होगा ऑक्सीजन प्लांट

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है और एक महीने के भीतर इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.इसके लग जाने के बाद अस्पताल में मरीजों को मैनुअल सिलेंडर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

शीतगृह नहीं होने से शवों के रखरखाव में दिक्कत

नये भवन में शीतगृह नहीं होने के कारण शवों को अभी भी पुराने एमजीएम अस्पताल, साकची में ले जाया जाता है. अगर किसी मरीज की मौत हो जाती है तो शव को रखने के लिए मोक्ष वाहन की मदद से पुराने अस्पताल ले जाया जाता है. इस प्रक्रिया में मरीजों के परिजनों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, खासकर तब जब पोस्टमार्टम की आवश्यकता होती है. शव को नये अस्पताल से पुराने में ले जाना और फिर वापस लाना थकाऊ और असुविधाजनक प्रक्रिया बन गयी है.

नया शीतगृह बनकर तैयार, जल्द होगा स्थानांतरण

उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि डिमना रोड स्थित नए अस्पताल परिसर में शीतगृह का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. तकनीकी जांच और बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया के बाद इसे जल्द शुरू किया जायेगा. पुराने अस्पताल से उपकरणों को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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