East Singhbhum: बहरागोड़ा में आज भी एक्टिव है बड़ा सा बम, सेल्फी ले रहे हैं लोग

Updated at : 22 Mar 2026 8:50 PM (IST)
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Active Bomb

पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में मिला जिंदा बम

East Singhbhum: पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में मिले बड़े से बम को निष्क्रिय करने अब तक बन निरोधक दस्ता नहीं पहुंचा है. इस बीच आसपास के लोग बम के साथ सेल्फी ले रहे हैं. उन्हें पता भी नहीं है कि यह जिंदा बम है. लोग अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. यह बम काफी पुराना है.

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संजीव भारद्वाज
East Singhbhum: बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत बरागाड़िया पंचायत के पानीपड़ा-नागुड़साई स्वर्णरेखा नदी घाट पर मिले काफी बड़े संदिग्ध बम को निष्क्रिय करने के लिए अब तक कोई तकनीकी दस्ता नहीं पहुंचा है. प्रशासन की सुस्ती के कारण यह मामला गंभीर होता जा रहा है, जबकि मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नहीं किए गए हैं. स्थिति यह है कि बम के आसपास किसी प्रकार की घेराबंदी नहीं होने के कारण ग्रामीण उसे खिलौना समझकर उसके बेहद करीब पहुंच रहे हैं. कई लोग बम के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. हालांकि, पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार लोगों को बम से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है, इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतते हुए खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं.

पुलिस ने आम लोगों को बम से दूर रहने की दी सलाह

इस संबंध में बहरागोड़ा सर्कल के आरक्षी निरीक्षक अनिल कुमार नायक ने स्थल पर पहुंचकर लोगों को दूर रहने की अपील की. उन्होंने बताया कि मामले में विभागीय स्तर पर पत्राचार किया गया है. सेना के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम आने के बाद ही बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सकेगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बम से अत्यधिक मारक क्षमता वाला बताया जा रहा है, जिसे केवल विशेषज्ञ टीम ही संभाल सकती है. उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों को लगातार बम के पास नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके.

सालों पहले विमान से गिराया गया था बम

स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह घटना कोई नई नहीं है. उन्होंने बताया कि वर्षों पहले इस क्षेत्र में एक विमान नीचे आया था, जिससे बड़ी संख्या में सामग्री गिराई गई थी. उस समय प्रशासनिक टीम ने अधिकांश सामान बरामद कर लिया था, लेकिन कुछ भारी वस्तुएं बालू में दब गई थीं, जिन्हें निकालना संभव नहीं हो पाया. बुजुर्गों का मानना है कि वही दबे हुए लोहे के सामान अब नदी के बहाव के कारण धीरे-धीरे बाहर निकल रहे हैं. इससे पहले भी गांव में इस तरह की संदिग्ध वस्तुएं मिलने की बात सामने आई है.

फिलहाल, प्रशासन की धीमी कार्रवाई और ग्रामीणों की लापरवाही मिलकर एक बड़े हादसे को न्योता दे रही है. अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब तक हरकत में आता है और इस खतरनाक बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जाता है.

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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