East Singhbhum News : कलियुग में कथा सुनना ही मोक्ष का साधन, भवसागर से मिलती है मुक्ति

गालूडीह में माता वैष्णो देवी धाम के तृतीय स्थापना दिवस पर श्रीमद् देवी भागवत कथा का छठा दिन
गालूडीह. गालूडीह के उलदा स्थित माता वैष्णो देवी धाम मंदिर के तृतीय स्थापना दिवस पर नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. कथावाचक स्वामी हृदयानंद गिरि महाराज ने कहा कि श्रद्धा व विश्वास के साथ मां के दरबार आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं जाता है. मां दुर्गा हमेशा अपने भक्तों पर कृपा करती हैं. उनकी हर मुश्किल को दूर करती हैं. शक्ति हर काल और परिस्थिति में मनुष्य की सहयोगी होती है. हम सभी इस शक्ति को देवी के रूप में जानते और पूजते हैं. उन्होंने कहा कि श्रीमद् देवी भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है. जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं.
भक्तों पर सदा बनी रहती है मां दुर्गा की असीम कृपा
कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है. सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जागृत हो जाता है. कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है. सभी प्राणी जिनके भीतर स्थित हैं और जिनसे संपूर्ण जगत प्रकट होता है, जिन्हें परमतत्व कहा गया है, वे साक्षात स्वयं भगवती ही हैं. सभी प्रकार के यज्ञों से जिनकी आराधना की जाती है, जिसके साक्षात हम प्रमाण हैं, वे एकमात्र भगवती ही हैं. इस समग्र जगत को धारण करती हैं तथा योगीजन जिनका चिंतन करते हैं और जिनसे यह विश्व प्रकाशित है, वे एकमात्र भगवती दुर्गा ही इस जगत में व्याप्त हैं. प्रवचन के अंत में दुर्गावतार आयोजित हुआ. एक कन्या मां दुर्गा के रूप में पूजी गयीं. इसके साथ लोग भगवती के जयकारे लगाये और भक्ति में झूम उठे.
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