East Singhbhum News : "हाड़शाली " से होती है भूमिज समाज की पहचान : संजीव सरदार

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 11 Oct 2025 11:31 PM

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बांकुड़ा मे आदिवासी भूमिज समाज हेंब्रोम गौत्र का शुद्धिकरण व स्मरण सभा आयोजित

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पोटका. आदिवासी भूमिज समाज के हेंब्रोम गौत्र के पवित्र हाड़शाली का शुद्धीकरण एवं स्मरणसभा पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के दामदी में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक संजीव सरदार थे. पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा से भूमिज समाज के हेंब्रोम गौत्र के लोग इस पूजा में विधिवत रूप से शामिल हुए. विधायक संजीव सरदार ने कहा कि भूमिज समाज की पहचान हाड़शाली (उकशासन) से होती है, जो मृत्यु के बाद अस्थियों को विधि-विधान से दफनाने की परंपरा है. उन्होंने बताया कि हाड़शाली का अस्तित्व कई जगह खतरे में है. कई जगह इसका अतिक्रमण हो रहा है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने-अपने हाड़शाली की सुरक्षा करें. इसके संरक्षण के लिए कदम उठाएं. उन्होंने कहा कि देश में भूमिज समाज की जनसंख्या लगभग 15 लाख है. इनमें से अधिकतर पश्चिम बंगाल में रहते हैं. भूमिज समाज की अपनी भाषा और संस्कृति है. इसे बचाने के लिए बांकुड़ा जिले और आस-पास के क्षेत्र में भूमिज भाषा के स्कूल खोलने और सांस्कृतिक संगीत वाद्ययंत्र स्कूल खोलने की योजना है. इसके लिए वह जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय समिति के साथ मिलकर रूपरेखा तैयार करेगा. मौके पर झारखंड से सिद्धेश्वर सरदार, हरिश चंद्र सिंह भूमिज, सुदर्शन भूमिज और पश्चिम बंगाल भूमिज डेवलपमेंट बोर्ड के सदस्य परितोष सिंह सरदार, निर्मल सिंह सरदार, भक्त सिंह सरदार, गुणधर सिंह सरदार, विश्वनाथ सिंह सरदार, शिवशंकर सरदार, शिविर सिंह सरदार आदि उपस्थित थे

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