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पूरे मिडिल ईस्ट पर इजरायल का हक? अमेरिकी एम्बेसडर के बयान से भड़का मुस्लिम वर्ल्ड

Updated at : 22 Feb 2026 8:24 AM (IST)
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Israel Middle East Land Claim US Ambassador Mike Huckabee

अमेरिकी एम्बेसडर माइक हकबी

Israel Middle East Land Claim: इजरायल-अरब विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है. US एम्बेसडर माइक हकबी ने पूरे मिडिल ईस्ट पर इजरायल के दावे को सही ठहराने के लिए बाइबिल का हवाला दिया. इस बयान से सऊदी अरब, UAE और मिस्र समेत 12 से ज्यादा मुस्लिम देश नाराज हो गए हैं. टकर कार्लसन के इंटरव्यू में दिए गए उस बयान के बारे में जानें जिसने डिप्लोमैटिक सर्कल में हलचल मचा दी है.

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Israel Middle East Land Claim: अमेरिकी एम्बेसडर माइक हकबी के एक बयान ने पूरे मिडिल ईस्ट में खलबली मचा दी है. हकबी ने एक इंटरव्यू के दौरान कह दिया कि इजरायल का ‘बाइबिल’ के हिसाब से पूरे इलाके पर हक है और अगर वह इस पर कब्जा कर ले, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी. इस बयान के बाद अरब देशों ने मोर्चा खोल दिया है और इसे ‘खतरनाक’ बताया है.

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, माइक हकबी ने मशहूर पॉडकास्टर टकर कार्लसन को एक इंटरव्यू दिया था. इस बातचीत में कार्लसन ने बाइबिल के एक हिस्से का जिक्र किया, जिसमें लिखा है कि ईश्वर ने अब्राहम के वंशजों को मिस्र (इजिप्ट) की नील नदी से लेकर सीरिया और इराक की यूफ्रेट्स नदी तक की जमीन देने का वादा किया था. कार्लसन ने बताया कि आज के नक्शे के हिसाब से इसमें इजरायल के साथ जॉर्डन, सीरिया, लेबनान और सऊदी अरब-इराक के बड़े हिस्से आ जाते हैं.

हकबी का ‘विवादास्पद’ जवाब

जब कार्लसन ने पूछा कि क्या इजरायल का इन सब पर हक है, तो एम्बेसडर हकबी ने कहा कि अगर वे यह सब ले लेते हैं, तो यह बिल्कुल ठीक होगा. हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी बात को थोड़ा संभालते हुए कहा कि इजरायल असल में यह सब मांग नहीं रहा है और उनका पिछला बयान थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर (Hyperbolic) दिया गया था. उन्होंने यह भी साफ किया कि इजरायल वह जमीन है जिसे ईश्वर ने अब्राहम के जरिए अपने चुने हुए लोगों को दिया था.

मुस्लिम देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

यूएई (UAE) के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 12 से ज्यादा मुस्लिम देशों और तीन बड़े संगठनों (OIC, अरब लीग और GCC) ने एक साझा बयान जारी कर इसकी आलोचना की है. बयान में कहा गया है कि हकबी की बातें अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र (UN) के चार्टर के खिलाफ हैं. सऊदी अरब ने इसे ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताया, जबकि जॉर्डन ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार दिया. मिस्र ने साफ कर दिया कि इजरायल का किसी भी अरब जमीन पर कोई हक नहीं है.

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टकर कार्लसन और एयरपोर्ट का ड्रामा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इंटरव्यू इजरायल में रिकॉर्ड किया गया था. इस दौरान टकर कार्लसन ने दावा किया कि तेल अवीव एयरपोर्ट पर उनके साथ ‘अजीब’ बर्ताव किया गया. हालांकि, इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उनके साथ सिर्फ रूटीन सिक्योरिटी चेक हुआ था. इजरायल के पूर्व पीएम नफ्ताली बेनेट ने तो कार्लसन को ‘फर्जी’ तक कह दिया. हकबी ने भी सोशल मीडिया पर साफ किया कि सिक्योरिटी चेक सबके लिए बराबर होता है.

फ्यूचर पर क्या होगा असर?

फिलहाल फिलीस्तीन अथॉरिटी ने कहा है कि हकबी का यह बयान डोनाल्ड ट्रंप की उस पॉलिसी के खिलाफ है जिसमें वे वेस्ट बैंक को इजरायल में मिलाने के विरोध में थे. यह पूरा विवाद ऐसे समय में हुआ है जब गाजा में तनाव पहले से ही बहुत ज्यादा है. हकबी ने बाकी बातों पर सफाई तो दी, लेकिन जमीन वाले कमेंट पर अब तक दोबारा कुछ नहीं कहा है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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