पाकिस्तान ने किया हवाई हमला, मदरसा और आतंकी ठिकानों से 28 लोग ढेर

पाकिस्तानी हमले के बाद अपने सामान समेटते अफगान नागरिक. फोटो- एक्स.
Pakistan Attack in Afghanistan: रविवार, 22 फरवरी को तड़के पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के डूरंड लाइन से सटे प्रांत में हमला किया. इस हमले में पाकिस्तान का दावा है कि उसने टीटीपी के लड़ाकों को निशाना बनाया. इस एयर स्ट्राइक में 28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की सूचना सामने आई है.
Pakistan Attack in Afghanistan: पाकिस्तान ने रविवार, 22 फरवरी को अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले किए.ये हमले डूरंड लाइन पर अफगानिस्तान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कई ठिकानों पर किए गए. इनमें पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने तहरीक ए तालिबान (TTP) के संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी विमानों ने पक्तिका प्रांत के बरमल और उरघुन को निशाना बनाया, जहां कई विस्फोटों हुए. मरघा इलाके में थोड़े-थोड़े अंतराल में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. पक्तिका प्रांत के बरमल जिले के बनुसी में पाकिस्तानी वायुसेना ने एक धार्मिक मदरसे को निशाना बनाया. हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए. पाकिस्तान ने यह नहीं बताया कि ये हमले ठीक-ठीक किन इलाकों में किए गए या उनके अन्य विवरण क्या हैं. वहीं काबुल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
इस अभियान में कुल आठ ठिकानों को निशाना बनाया गया. अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के अनुसार, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी कई हवाई हमले किए. रिपोर्ट में बताया गया है कि शनिवार से अब तक पाकिस्तान ने पक्तिका के बरमल और अरगुन के साथ-साथ नंगरहार के खोगयानी, बहसूद और घनी खेल जिलों में भी कई हमले किए हैं. इससे जान-माल के नुकसान की आशंका जताई गई, हालांकि अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
इस हमले में घनी खेलो और गरदा सामिया में 17 लोगों के मारे जाने की भी सूचना है. सोशल मीडिया पर हमले के बाद के वीडियो वायरल हो रहे हैं. इसमें टोलो न्यूज के एक वीडियो का हवाला देकर हमले के बाद का मंजर दिखाया गया है. देखें-
पाकिस्तानी मंत्री ने भी हमले की पुष्टि की
पाकिस्तानी मीडिया ने भी इस्लामाबाद के हवाई हमलों की पुष्टि की है. उनके अनुसार, ये हमले पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के साथ स्थित कथित आतंकवादी शिविरों पर केंद्रित थे. वहीं, रविवार 22 फरवरी को तड़के पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक्स पर लिखा कि सेना ने उनके शब्दों में ‘खुफिया जानकारी पर आधारित, चयनित अभियान’ चलाए. उन्होंने बताया कि इन अभियानों में पाकिस्तानी तालिबान और उसके सहयोगी संगठनों के सात शिविरों को निशाना बनाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र में इस्लामिक के एक सहयोगी गुट को भी लक्ष्य बनाया गया. तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का हमेशा प्रयास करता रहा है, लेकिन पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पाकिस्तान में बीते दिनों हुए कई आत्मघाती हमले
अफगानिस्तान में ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब कुछ दिन पहले उत्तर-पश्चिमी केपीके प्रांत के बाजौर जिले, में एक आत्मघाती हमलावर ने हथियारबंद साथियों की मदद से विस्फोटकों से लदे वाहन को एक सुरक्षा चौकी की दीवार से टकरा दिया था. यह अफगानिस्तान से सटा है. धमाके से परिसर का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें 11 सैनिकों और एक बच्चे की मौत हो गई. बाद में अधिकारियों ने बताया कि हमलावर अफगान नागरिक था.
वहीं, शनिवार 21 फरवरी को उत्तर-पश्चिम के ही बन्नू जिले में एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा काफिले को निशाना बनाया. इसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित दो सैनिक मारे गए. शनिवार की हिंसा के बाद पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी दी थी कि वह कोई संयम नहीं बरतेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई उनके स्थान की परवाह किए बिना जारी रहेगी.
एक आधिकारिक बयान में इस्लामाबाद ने कहा कि उसके पास ‘निर्णायक सबूत’ हैं कि ये हमले अफगानिस्तान में स्थित नेतृत्व के निर्देश पर काम करने वाले आतंकियों ने रचे. पाकिस्तान ने कहा कि हालिया आत्मघाती हमले; इस्लामाबाद के एक इमामबाड़ा, बाजौर और बन्नू में हुए हमले फितना अल खवारिज़’ और उनके सहयोगी समूहों द्वारा किए गए. पाकिस्तान ने इस्लामिक स्टेट खुरासाना प्रोविंस (ISKP) का भी जिक्र किया.
एक आधिकारिक बयान में इस्लामाबाद ने कहा कि उसके पास ‘निर्णायक सबूत’ हैं कि ये हमले अफगानिस्तान में स्थित नेतृत्व के निर्देश पर काम करने वाले आतंकियों ने रचे. पाक सेना के मीडिया विंग के अनुसार, शनिवार को खैबर के बन्नू जिले में खुफिया जानकारी पर आधारित एक अभियान के दौरान आत्मघाती हमले में पाकिस्तान के दो सुरक्षा कर्मी मारे गए. हमलावरों ने विस्फोटकों से लदे वाहन को काफिले के एक वाहन से टकरा दिया, जिससे सेना के अनुसार दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए. मुठभेड़ के दौरान अधिकारियों द्वारा ‘खवारिज’ कहे गए पांच आतंकियों को मार गिराया गया. यह शब्द राज्य द्वारा प्रतिबंधित टीटीपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
पाकिस्तान टीटीपी को काबू करने के लिए अफगानिस्तान पर डाल रहा दबाव
पाकिस्तान का कहना है कि उसने अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से बार-बार आग्रह किया है अफगान भूमि का उपयोग पाकिस्तान पर हमलों के लिए न हो, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान के भीतर से संचालित होता है, हालांकि समूह और काबुल दोनों इस आरोप से इनकार करते हैं. टीटीपी अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उनसे करीबी तौर पर जुड़ा हुआ है, खासकर उस तालिबान जो 2021 में सत्ता में लौटे.
अक्टूबर से दोनों देशों के बीच बिगड़े हालात
पाकिस्तान में हाल के वर्षों में आतंकवादी हिंसा में तेजी देखी गई है, जिसका बड़ा हिस्सा टीटीपी और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया जाता है. अक्टूबर 2025 में भी पाकिस्तान ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अफगानिस्तान के भीतर गहराई तक हमले किए थे. सीमा पर हुई घातक झड़पों में दर्जनों सैनिकों, नागरिकों और संदिग्ध आतंकियों की मौत हुई थी. यह हिंसा काबुल में हुए विस्फोटों के बाद भड़की थी, जिनके लिए अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान को दोषी ठहराया था.
अक्टूबर से दोनों पड़ोसी देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं. इसके बाद कतर की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम बड़े पैमाने पर कायम रहा है, लेकिन इस्तांबुल (तुर्की) में हुई बातचीत किसी औपचारिक समझौते तक नहीं पहुंच सकी. दोनों देशों के बीच संबंध अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं.
पाकिस्तान का दावा- खुद की सुरक्षा के लिए हमले का अधिकार
डॉन न्यूज के अनुसार, गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि बाजौर में हुए घातक हमले के बाद अपने नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए पाकिस्तान अफगानिस्तान को निशाना बनाने का अधिकार सुरक्षित रखता है. साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, ‘पाकिस्तान पूरी तरह वैध रूप से यह मांग करता है कि अफगान धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के भीतर आतंकवाद के लिए न हो. जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, धैर्य बरतते हुए भी सभी विकल्प खुले रहेंगे.’
एएनआई के इनपुट के साथ.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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