East Singhbhum News : नौकरी व मुआवजे के लिए रैयत ने बागजाता माइंस सड़क जाम किया, नो वर्क नो पे के फरमान से 350 ठेका मजदूर बेरोजगार, भुखमरी की स्थिति उत्पन्न

Published by : AVINASH JHA Updated At : 17 Mar 2025 11:59 PM

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ठेका मजदूरों ने कहा- सड़क व माइंस दोनों जरूरी, स्थायी समाधान हो

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मुसाबनी. मुसाबनी के फूलझरी बाकड़ा शंख नदी पुलिया के समीप सोमवार को बागजाता माइंस बचाओ समन्वय संघर्ष समिति की बैठक हुई. समिति ने बताया कि मदन टोला में रैयत बरियार टुडू व उनके परिजनों द्वारा नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर रास्ता रोके जाने से पिछले कई दिनों से बागजाता माइंस बंद का काम बंद है. माइंस प्रबंधन ने नो वर्क नो पे की नोटिस लगा दी है. बैठक में उपस्थित ठेका मजदूरों ने कहा कि माइंस बंद रहने व नो वर्क नो पे का नोटिस लगाने से माइंस में काम कर रहे 350 ठेका मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. उनके समक्ष आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो गयी है.

एसडीओ को आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग करेगी समिति

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बागजाता माइंस में जारी गतिरोध के जल्द समाधान कर माइंस को फिर से चालू करने के लिए एसडीओ को आवेदन देकर जरूरी कार्रवाई का अनुरोध किया जायेगा. ठेका मजदूरों ने कहा कि रास्ते के गतिरोध के कारण बागजाता माइंस बंद है. अयस्क परिवहन भी ठप है. ठेका मजदूरों का रोजगार भी प्रभावित हो गया है. मजदूरों ने कहा कि क्षेत्र के लिए माइंस व सड़क दोनों महत्वपूर्ण है. सड़क बंद करने से न केवल खनन कार्य बाधित होता है. बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी आवाजाही में परेशानी होती है. गतिरोध से कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं ठेका श्रमिकों की आजीविका संकट में है . माइंस बंद होने से ठेका मजदूर के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. बैठक में रुपाय चंद्र हांसदा, राजन कैवर्त, हरिपद भकत, सिंधु हांसदा, गणेश कर्मकार समेत कई ठेका मजदूर उपस्थित थे.

तीन दिनों में बागजाता में जारी गतिरोध समाप्त करे कंपनी प्रबंधन : रामदास

बागजाता माइंस में एक सप्ताह से जारी गतिरोध के समाधान को लेकर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन के नेतृत्व में बागजाता माइंस बचाव समन्वय संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन से उनके आवासीय कार्यालय में मिला. प्रतिनिधिमंडल ने बागजाता माइंस में रास्ते को लेकर जारी गतिरोध को समाधान करने की मांग की. मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यूसिल प्रबंधन, एसडीओ को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई तीन दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया. सीओ को सड़क के संबंध में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. मंत्री ने कहा यदि तीन दिनों के अंदर प्रबंधन एवं प्रशासन बागजाता माइंस में जारी गतिरोध का समाधान नहीं कर पाता है तो वे स्वयं वहां पहुंच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे. मंत्री की पहल से माइंस में 10 मार्च से जारी गतिरोध के समाधान होने की उम्मीद जगी है. प्रतिनिधिमंडल में विराम मुर्मू, सिंधु हांसदा समेत बागजाता माइंस बचाव समन्वय संघर्ष समिति के कई सदस्य शामिल थे.

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