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43.92 लाख नहीं चुकाने पर घाटशिला कोर्ट सख्त, गालूडीह सुवर्णरेखा कैनाल डिवीजन की प्रॉपर्टी अटैच करने का आदेश

Updated at : 21 Nov 2025 10:27 PM (IST)
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East Singhbhum News Ghatshila Court

घाटशिला कोर्ट ने दिखाया सख्त रुख.

East Singhbhum News: घाटशिला कोर्ट ने 12 जनवरी 2024 के आदेश में संबंधित पदाधिकारियों से कहा था कि वे 2 महीने के भीतर बता दें कि मामले के समाधान का तरीका क्या होगा. यदि वे समाधान नहीं चाहते हैं, तो इसकी भी जानकारी कोर्ट को दें, ताकि कोर्ट आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कर सके. विभाग की ओर से आज तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

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East Singhbhum News: झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग पर ठेकेदारों का बकाया भुगतान नहीं करने के कई मामले वर्षों से लंबित हैं. निर्मल गेस्ट हाउस के सील होने के बाद गालूडीह बराज के कार्यालय को भी सील करने का निर्देश जारी हुआ था, लेकिन आगे की कार्रवाई न होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया था. अब पुनः यह मामला सुर्खियों में है. घाटशिला के सब-जज कोर्ट की न्यायिक दंडाधिकारी सुशीला सोरेन ने गोलरा इंटरप्राइजेज के निदेशक द्वारा दायर केस नंबर 07/2021 की सुनवाई में विभागीय अधिकारियों को 43,92,053 रुपए चुकाने का आदेश दिया था. कोर्ट ने दो माह के भीतर विवाद सुलझाने का निर्देश दिया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखायी.

वर्ष 1982 से लंबित भुगतान से जुड़ा है मामला

बिष्टुपुर मार्केट स्थित गोलरा इंटरप्राइजेज द्वारा जल संसाधन विभाग गालूडीह कैंप के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुवर्णरेखा चांडिल कॉम्प्लेक्स के इंचार्ज, सुवर्णरेखा भवन आदित्यपुर, चीफ इंजीनियर ईचा-गालूडीह कॉम्प्लेक्स आदित्यपुर तथा ईचा चलियामा-खरकई डैम सर्किल के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. यह मामला वर्ष 1982 से लंबित बकाया भुगतान से संबंधित है.

मुकदमेबाजी में बकाया राशि हो गयी 3 करोड़ से ज्यादा

प्रबंधन के लगातार मुकदमा लड़ने की वजह से बकाया राशि ब्याज के साथ बढ़कर 3 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गयी थी. हाइकोर्ट के निर्देश के बाद आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने अंतिम रूप से 43.92 लाख रुपए की राशि तय की थी. साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि भुगतान नहीं किया गया, तो गालूडीह स्थित सुवर्णरेखा कैनाल डिवीजन की पूरी प्रॉपर्टी अटैच कर ली जायेगी.

कोर्ट ने कहा था- 2 महीने में समाधान का तरीका बतायें

घाटशिला कोर्ट ने 12 जनवरी 2024 के आदेश में संबंधित पदाधिकारियों से कहा था कि वे 2 महीने के भीतर बता दें कि मामले के समाधान का तरीका क्या होगा. यदि वे समाधान नहीं चाहते हैं, तो इसकी भी जानकारी कोर्ट को दें, ताकि कोर्ट आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कर सके. विभाग की ओर से आज तक किसी स्तर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी है.

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निर्मल गेस्ट हाउस फिर सील, सुनवाई आज

जमशेदपुर न्यायालय के आदेश के बाद बिष्टुपुर सेंटर फॉर एक्सीलेंस के पास स्थित जल संसाधन विभाग के निर्मल गेस्ट हाउस को शुक्रवार को फिर से सील कर दिया गया. इस मामले की सुनवाई शनिवार को जमशेदपुर कोर्ट में होगी, जिसमें फाइनल पेमेंट नहीं होने की स्थिति में नीलामी संबंधी प्रक्रिया को पूरा किया जायेगा.

East Singhbhum News: कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

जमशेदपुर कोर्ट ने पटना की आरके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड इंजीनियर एंड कांट्रैक्टर नामक कंपनी के बकाया 3.16 करोड़ रुपए के आदेश के 7 साल बाद भी नहीं चुकाये जाने पर निर्मल गेस्ट हाउस को सील करने का आदेश जारी किया. कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार की शाम नाजिर व पुलिसकर्मियों की उपस्थिति नोटिस लगाये जाने व सीलिंग की प्रक्रिया शुरू की गयी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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